नालियों की सफाई नहीं, बदबू से लोगों का जीना मुश्किल

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार।
नगर निगम कोटद्वार की सफाई व्यवस्था का हाल बेहाल है। निगम प्रशासन की उदासीनता के चलते साफ-सफाई की व्यवस्था चरमरा रही है। नगर के विभिन्न मोहल्लों में कचरा बिखरा हुआ है। नगर के कई वार्डों की नालियां पॉलिथीन सहित कचरों से जाम है। नालियों से पानी निकासी की कोई व्यवस्था भी नहीं है। नाली की सफाई की भी जाती है तो कचरा को समय पर नहीं उठाया जाता है। वार्डों से कचरा उठाने के मामले में निगम प्रशासन गंभीर नहीं है।
लोगों के घरों से कचरा कलेक्शन के लिए नगर निगम के द्वारा गाड़ी तो नियमित भेजी जाती है, इसके बावजूद भी वार्डों का कचरा नियमित रूप से नहीं उठा पाता है, अधिकतर वार्ड की गलियों में नाली के किनारे कचरे का ढेर पड़ा हुआ दिख जायेगा। जिससे साफ जाहिर होता है कि नगर निगम के द्वारा कचरा कलेक्शन के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। नगर निगम के कर्मचारी केवल मुख्य सड़कों की सफाई कर खानापूर्ति कर रहे है। मगर वार्डों के अधिकांश मोहल्ले साफ-सफाई के अभाव में कचरों से अटे पड़े है। वहीं कचरे से नालियां भी जाम है। नगर में साफ-सफाई के अभाव में लोगों को मजबूर होकर कचरों के ढेर होकर गुजरना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी शहर वासियों को होती है, क्योंकि शहर में अधिकांश सड़कों के किनारे कूड़े के ढेर लगे रहते है। वहीं शहर की नालियों की सफाई नगर निगम द्वारा नियमित नहीं की जाती है, जिस वजह से नाली जाम होने के कारण बदबू होने से आसपास के रहवासियों का जीना मुश्किल हो गया है, लोग नाक दबाकर मजबूरी में नाली को पार करते है। मालगोदाम रोड पर भी पिछले काफी समय से नाली की सफाई नहीं कराई गई है। जिस कारण नाली में गंदा पानी जमा हो रखा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की उदासीनता के चलते नालियां चोक है। इससे आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। नालियों की दुर्गंध से क्षेत्र वासियों का जीना मुहाल है। इस संबंध में नगर निगम को कई बार शिकायत दी जा चुकी है। साथ ही बार-बार निगम के सफाई कर्मचारियों को भी कहा जा चुका है। लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं। हर बार आश्वासन देकर चले जाते हैं। उधर नगर निगम के सफाई निरीक्षक सुनील कुमार का कहना है कि नालियों की सफाई कराई जा रही है, जिन जगहों पर नालियों की सफाई नहीं हुई उनकी सफाई जल्द कराई जायेगी। निगम सफाई के प्रति गंभीर है।

शिकायत के बावजूद भी नहीं सुधर रही सफाई व्यवस्था

एक ओर जहां राज्य सरकार के साथ केन्द्र सरकार भी स्वच्छ भारत मिशन को लेकर लाखों, करोड़ों रूपये खर्च कर रही है। वहीं नगर निगम कोटद्वार की सफाई व्यवस्था देखने वाले निगम की साफ-सफाई को लेकर कितनी जागरूक है, इस बात का अंदाजा शहर की सफाई व्यवस्था को देखकर ही लगा सकते है। सफाई की समस्या को लेकर निगम के सफाई कर्मचारियों से लेकर अधिकारियों तक आम जनता शिकायत करती रही है। उसके बाद स्थिति जस की तस है।

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