पर्यटन सीजन शुरु, बदहाल पड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग

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कोटद्वार से गुमखाल के मध्य बदहाल स्थिति में पड़ा है राष्ट्रीय राजमार्ग
संकेतक व पैराफिट नहीं होने के कारण मार्ग का नहीं हो रहा अंदाजा
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : मैदान में भीषण गर्मी के कारण पर्यटक पहाड़ की सैर पर निकल रहे हैं। लेकिन, कोटद्वार से गुमखाल के मध्य बदहाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर्यटकों की परीक्षा ले रहा है। हालत यह है कि कहीं हाईवे की नींव दरक रही है तो कहीं संकेतक व पैराफिट नहीं होने के कारण मार्ग पर आने वाली चुनौतियों का पता नहीं चल पा रहा है। जबकि, इन दिनों हाईवे पर हाथियों की धमक भी बढ़ने लगी है। ऐसे में कब बड़ा हादसा हो जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता।
मई माह की शुरुआत के साथ ही मैदान में लगातार गर्मी का पारा चढ़ने लगा है। ऐसे में वीकेंट पर बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ घूमने के लिए पहुंच रहे हैं। यही कारण है कि कोटद्वार से गुमखाल के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा है। लेकिन, बदहाल राष्ट्रीय राजमार्ग वाहन चालकों की चुनौती बढ़ा रहा है। दरअसल, वर्षा काल में अतिवृष्टि के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। हाईवे पर बीस से अधिक डेंजर जोन बन गए थे। साथ ही कई स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा खोह नदी में समा गया था। कुछ माह पूर्व सरकारी सिस्टम ने कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य पुश्तों का निर्माण तो कर दिया लेकिन, अब भी कई स्थानों पर डेंजर जोन बने हुए हैं। सिद्धबली से आगे पुलिया पार करते ही हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढों से स्वागत हो रहा है। इससे कुछ दूर आगे चलते ही पैराफिट नहीं होने के कारण वाहन कब खोह नदी में समा जाएं कुछ कहा नहीं जा सकता। लालपुल से करीब एक किलोमीटर आगे हाईवे का हिस्सा नीचे से दरक रहा है। आवागमन करने वालों ने उक्त स्थान पर पत्थर लगाए हुए हैं। बरसाती रपटे से करीब पांच सौ मीटर पहले से ही रास्ता बदहाल पड़ा हुआ है। पहाड़ी से पत्थर गिरने का डर बना है। साथ ही हाईवे पर मिट्ट व गड्ढे चुनौती बन रहे हैं। दोपहर के समय धूल उड़ने के कारण वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां से करीब दो किलोमीटर आगे आमसौड़ से पहले दो स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने पुश्ते का निर्माण तो करवाया। लेकिन, हाईवे पर डामर नहीं बिछाया। नतीजा, हाईव पर गड्ढे व मिट्टी बनी हुई है। यही स्थिति दुगड्डा से गुमखाल के बीच बनी हुई है। डेंजर जोन में कहीं भी पैराफिट व संकेतक नजर नहीं आ रहे। क्रेखाल से एक किलोमीटर आगे हाईवे का हिस्सा दरक रहा है। वहीं, देवीखाल से करीब एक किलोमीटर पहले वर्षा काल के दौरान हाईवे का हिस्सा ढह गया था। जिसके मरम्मत की अब तक कोई सुध नहीं ली गई।

हाथी से बचाव को नहीं संकेतक
कोटद्वार से दुगड्डा के मध्य कई स्थानों पर हाथियों की धमक बढ़ गई है। दरअसल, भीषण गर्मी के कारण जंगल से निकलकर हाथी खोह नदी में पानी पीने के लिए पहुंचते है। ऐसे में मार्ग पर हाथियों से सुरक्षा के लिए चेतावनी बोर्ड तक नजर नहीं आ रहे हैं। जबकि, पूर्व में हाथियों का झ़ुंड पर्यटकों को दौड़ा भी चुका है। ऐसे में पर्यटकों को स्वयं ही अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेनी होगी।

हाईवे पर अब तक हुए हादसे
1. 23 नवंबर 2025 को कोटद्वार दुगड्डा के मध्य आमसौड़ के समीप एक डंपर खाई में गिर गया था। हादसे में चालक की मौत हो गई थी
2. चार अगस्त 2025 को कोटद्वार-दुगड्डा के मध्य तिलबाढांग चैक पोस्ट के समीप पहाड़ी से एक बोल्डर मैक्स के ऊपर गिर गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, हादसे के बाद सिस्टम ने उक्त स्थान पर पहाड़ी से पत्थर गिरने का संकेतक लगा दिया था।
3. जून 2025 में आमसौड़ के समीप सड़क किनारे खड़े एक डंपर के ऊपर पहाड़ी से पत्थर गिर गया था, जिसमें डंपर में सवार व्यक्ति की मौत हो गई थी।
4. बीते वर्ष लालपुल के समीप एक कार अनियंत्रित होकर खोह नदी में गिर गई थी, जिसमें तीन युवकों की मौत हो गई थी।
5. दुगड्डा के समीप एक कार अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई थी, जिसमें नगीना तहसील में तैनात लेखपाल सहित दो युवकों की मौत हो गई थी।

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