नेपाल व भारत के बीच सीमा विवाद से सीमांत के ग्रामीण खासे परेशान

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पिथौरागढ़। नेपाल की तरफ से लिपूलेख व कालापानी विवाद को तूल देने के बाद यहां सीमांत के गांवों के लोगों में निराशा है। वे इसे महज राजनीति के लिए उठाया गया मुद्दा बताकर सरकार से इसे सुलझाने को कहा है। कहा कि इससे हमारे सैकड़ों साल पुराने रिश्तों को खट्टा करने की कोशिश हो रही है। जिसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। भारत और नेपाल के बीच काली नदी सीमा विभाजन का काम करती है लेकिन सीमा के इस पार व उस पार बसे गांवों के लोगों के बीच के रिश्ते व कारोबार पर इसका कभी असर नहीं रहा। दोनों देशों के लोगों की एक दूसरे देश में रिश्तेदारी के साथ ही ईष्ट देवता के मंदिर भी स्थित हैं। यहां तक नेपाल के कई गांवों में धारचूला व झूलाघाट क्षेत्र के ब्राहमण हैं तो इसी क्षेत्र के कई गांवों के लोगों के कुल पुरोहित नेपाल में रहते हैं। ऐसे में ये लोग नेपाल व भारत के बीच सीमा विवाद के बढ़ने से खासे परेशान हैं। वे साफ कहते हैं कि इसका समाधान सौहार्दपूर्ण तरीके से होना चाहिए।

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