रुद्रप्रयाग। विगत 10 जून को हुई मूसलाधार बारिश के चलते क्षेत्र में कृषि भूमि, पेयजल लाइन और पैदल मार्गों के साथ नौ परिवारों की गोशालाएं अतिवृष्टि की जद में आ गईं। गोशालाओं में बंधी नौ भैंसों में से सात लस्तर नदी में मृत मिलीं मिली जबकि दो का अभी पता नहीं चल पाया है।
दर्शन सिंह, मनोज उनियाल, लखन सिंह, मामेन्द्र सिंह, नेत्र सिंह, सुंदर सिंह, सतपाल सिंह, मकान लाल व जगदीश लाल ने बताया कि आपदा में उनकी गोशालाएं टूट चुकी हैं और आजीविका का साधन रहीं भैंसें भी बह गईं। वहीं, कमला देवी का दो कमरों का मकान भी टूट गया है। उन्होंने बच्चों के सिर पर छत के लिए प्रशासन से आवास की गुहार लगाई है। ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने बताया कि खुडगड गदेरे पर बनी लस्तर बजीरा नहर के नीचे वाला हिस्सा तेज बहाव से खाली होने के कारण नहर खतरे में है। वर्तमान में राजस्व विभाग ग्राम सभा की परिसम्पत्तियों के नुकसान की गणना कर रहा है। वहीं तहसीलदार प्रणव पांडेय ने कहा कि क्षति के आकलन के लिए एक कानूनगो व तीन राजस्व उपनिरीक्षक की टीम बनाई गई है जो जांच कर रही है। अभी तक तीन भैंसों की मौत की पुष्टि हुई है। पशुपालन विभाग ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई की है।