देहरादून। प्रेमनगर थाने की पुलिस पर लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, देहरादून की अदालत ने पुलिस को विधिवत अन्वेषण के आदेश दिए हैं। मामले में 20 लाख रुपये का कथित समझौतानामा लिखवाने, थाने में बुलाकर मारपीट करने, बिना मुकदमा दर्ज किए पूछताछ करने तथा बाद में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।
अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और पुलिस रिपोर्ट के परीक्षण के बाद आरोपों को प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध से जुड़ा माना है। न्यायालय ने धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत प्रार्थनापत्र स्वीकार करते हुए विधिवत जांच के निर्देश दिए हैं। मामले में पुलिस अधिकारियों के नाम आरोपी के रूप में सामने आने के कारण अदालत ने स्पष्ट किया है कि निष्पक्ष जांच के लिए निरीक्षक स्तर से ऊपर के पुलिस अधिकारी से अन्वेषण कराया जाए।
मामले में यशपाल सिंह तंवर, तत्कालीन प्रेमनगर थानाध्यक्ष नरेश सिंह राठौर, एसआई सतेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक शोभा मेहता और महिला कांस्टेबल सुशीला के नाम सामने आए हैं। गौरतलब है कि हाल में नरेश सिंह राठौर को पटेलनगर कोतवाली का प्रभारी बनाया गया है।
नौकरी से हटाने के बाद चोरी का आरोप लगाने का दावा
उम्मेदपुर, प्रेमनगर निवासी प्रवीण सेमवाल ने अपनी पत्नी प्रतीक्षा सेमवाल और आकाश बंगवाल के साथ न्यायालय में प्रार्थनापत्र दाखिल किया। प्रवीण के अनुसार वह करीब पांच वर्षों तक यशपाल सिंह तंवर के आदर्श विहार स्थित तंवर सप्लायर्स में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत रहे। उन्हें 20 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता था। प्रवीण का आरोप है कि जनवरी 2026 में उन्हें नौकरी से हटा दिया गया और दो माह का वेतन भी नहीं दिया गया। इसके बाद उन्होंने कर्ज लेकर अपना सप्लायर्स का कारोबार शुरू किया। आरोप के मुताबिक बाद में यशपाल सिंह तंवर ने उन पर नौकरी के दौरान करीब 20 लाख रुपये की चोरी करने का आरोप लगाया।
थाने में बुलाकर 20 लाख रुपये का समझौतानामा लिखवाने का आरोप
प्रवीण के अनुसार 10 मार्च 2026 को उन्हें प्रेमनगर थाने बुलाया गया। आरोप है कि वहां एसआई सतेंद्र सिंह ने यशपाल सिंह तंवर की मौजूदगी में उनके साथ अभद्रता और मारपीट की तथा 20 लाख रुपये की देनदारी स्वीकार करने वाला समझौतानामा लिखने के लिए दबाव बनाया।
प्रार्थी पक्ष ने इस मामले में गृह सचिव, जिलाधिकारी और एसएसपी समेत अन्य अधिकारियों को शिकायत भी दी थी। न्यायालय के समक्ष कथित समझौतानामा, शिकायती पत्र तथा एसआई सतेंद्र सिंह के मोबाइल नंबर से हुए वाट्सऐप संवाद के प्रिंटआउट सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
अदालत ने इन दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए माना कि प्रथम दृष्टया इनसे प्रार्थी के कथन को बल मिलता है।
9 अप्रैल को दुकान से उठाकर थाने ले जाने का आरोप
प्रार्थी पक्ष के अनुसार 9 अप्रैल 2026 को प्रवीण और उनकी पत्नी प्रतीक्षा अपनी दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि पुलिसकर्मी यशपाल सिंह तंवर के साथ दुकान पर पहुंचे और दोनों को थाने ले गए।
प्रवीण के अनुसार उन्हें पुलिस वाहन से, जबकि उनकी पत्नी प्रतीक्षा को निजी स्विफ्ट कार से प्रेमनगर थाने ले जाया गया। आरोप है कि थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष नरेश सिंह राठौर समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की। प्रवीण ने लाठी और बेल्ट से पीटने का आरोप लगाया है।
आरोप के अनुसार जब पत्नी प्रतीक्षा ने पति को बचाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी मारपीट की गई।