श्रीनगर गढ़वाल : मेडिकल कॉलेज के बेस चिकित्सालय श्रीकोट की गंभीर लापरवाही सामने आई है। अस्पताल परिसर से निकलने वाला बायोमेडिकल वेस्ट नगर निगम की कूड़ा गाड़ी में मिला। इससे संक्रमण फैलने और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका है। मामले का खुलासा नगर निगम के निरीक्षण के दौरान हुआ। इसके बाद निगम प्रशासन ने संबंधित फर्म पर 50 हजार का जुर्माना लगाते हुए अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी किया।
नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने बताया कि 23 जून को रूटीन निरीक्षण के तहत ट्रंचिंग ग्राउंड का दौरा किया गया। शाम के समय बेस अस्पताल श्रीकोट से आने वाली कूड़ा गाड़ी पहुंची जिसमें नीली, पीली, हरी और लाल थैलियां दिखाई दीं। शक होने पर जब थैलियों की जांच की गई तो उनके अंदर भारी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट मिला। उसमें बिना डिस्पोज की हुई सिरिंज, कैन्यूला, ड्रिप बोतलें, यूरिन ब्लैडर, बीटाडिन, खून से सने ग्लव्स, कॉटन, बैंडेज और अन्य संक्रमित सामग्री बरामद हुई। यह सामग्री सीधे तौर पर सफाई कर्मियों और पर्यावरण मित्रों के स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती थी। नगर निगम ने इस संबंध में बेस अस्पताल में कार्यरत संबंधित फर्म मैसर्स निर्मल फैसिलिटी पर 50 हजार का जुर्माना लगाया गया और अस्पताल प्रशासन को नोटिस जारी किया गया। तीन दिन में जुर्माना जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक ने कहा कि बायोमेडिकल वेस्ट का निस्तारण नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स-2026 के अनुसार बल्क वेस्ट जनरेटर को अपने कचरे का निस्तारण स्वयं करना अनिवार्य है। इसके बावजूद अस्पताल से जुड़े संस्थान की ओर से नियमों का खुला उल्लंघन किया गया। इसके जीपीएस आधारित फोटोग्राफ भी निगम के पास सुरक्षित हैं। (एजेंसी)
दोषियों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल महापौर आरती भंडारी ने कहा कि यह बेहद अमानवीय और गैर-जिम्मेदाराना कृत्य है। मेडिकल वेस्ट को सामान्य कूड़े में मिलाना सीधे तौर पर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।