पुरी, ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की बहुड़ा रथ यात्रा (वापसी रथ यात्रा) के दौरान शुक्रवार को एक और श्रद्धालु की मौत हो गई। इसके साथ ही इस वर्ष की रथ यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। वहीं यात्रा के दौरान 100 से अधिक श्रद्धालुओं के बीमार होने और घायल होने की भी सूचना है, जिनमें अधिकांश को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पुलिस के अनुसार, रथ खींचने के दौरान कटक निवासी 54 वर्षीय अभिराम दास की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, उनकी तबीयत उच्च रक्तचाप और दम घुटने की वजह से बिगड़ी थी।
105 श्रद्धालुओं को मिली चिकित्सकीय सहायता
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बहुड़ा यात्रा के दौरान करीब 105 श्रद्धालुओं को अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार के लिए लाया गया। इनमें अधिकांश लोगों को घबराहट, बेचैनी और गर्मी के कारण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हुई थी। प्राथमिक उपचार और कुछ देर निगरानी के बाद अधिकांश मरीजों को घर भेज दिया गया, जबकि सात लोगों का इलाज अभी भी अस्पताल में जारी है। अधिकारियों के मुताबिक सभी भर्ती मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है।
गर्मी और उमस बनी परेशानी का कारण
पुलिस ने स्पष्ट किया कि रथ के आसपास भगदड़ जैसी कोई स्थिति नहीं बनी थी। हालांकि, यात्रा के दौरान पुरी में अत्यधिक गर्मी और उमस रही। शाम के समय नमी का स्तर 85 से 90 प्रतिशत तक पहुंच गया था, जिससे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की तबीयत प्रभावित हुई।
इससे पहले 16 जुलाई को रथ यात्रा के दौरान दो श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। इनमें एक की दम घुटने और दूसरे की हृदय गति रुकने से जान चली गई थी।
मुख्यमंत्री ने घोषित की आर्थिक सहायता
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रथ यात्रा के दौरान जान गंवाने वाले तीनों श्रद्धालुओं के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
बीजद ने उठाए भीड़ प्रबंधन पर सवाल
इस बीच विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने रथ यात्रा के दौरान अव्यवस्था का आरोप लगाया है। पार्टी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया कि भगवान जगन्नाथ के ‘नंदीघोष’ रथ को खींचने के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हुई थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बीजद के वरिष्ठ नेता संजय दास बर्मा ने पूरे घटनाक्रम की न्यायिक जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासन की लापरवाही और भीड़ प्रबंधन में कमी के कारण तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई तथा बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। उन्होंने गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए भुवनेश्वर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में स्थानांतरित करने और प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा देने की भी मांग की।