देहरादून। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देहरादून की ओर से नौ मई को जिले में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। यह अदालत लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण करेगी, जिसमें दीवानी वाद, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, और ट्रैफिक चालान शामिल हैं। अदालत में कोई न्यायालय शुल्क नहीं होगा और अपील का प्रावधान नहीं है। यह लोक अदालत देहरादून जिला मुख्यालय सहित ऋषिकेश, विकासनगर, डोईवाला, चकराता और मसूरी न्यायालय परिसरों में लगाई जाएगी। प्राधिकरण की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित और प्री-लिटिगेशन वादों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर तेजी से निस्तारण करना है। इसमें मुख्य रूप से दीवानी वाद, पारिवारिक विवाद, चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना, श्रम संबंधी और उपभोक्ता फोरम से जुड़े मामलों की सुनवाई होगी। पुलिस या आरटीओ की ओर से काटे गए चालान जैसे तेज गति, बिना लाइसेंस, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट या ओवरलोडिंग आदि का निर्धारित फीस जमा कर बिना किसी अतिरिक्त खर्च के निपटारा किया जा सकेगा। शराब पीकर या नाबालिग के वाहन चलाने वाले मामलों में लोक अदालत में समाधान नहीं होगा।फीस होगी वापस, निर्णय होगा अंतिमराष्ट्रीय लोक अदालत की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई न्यायालय शुल्क देय नहीं होता। यदि पूर्व में कोर्ट फीस जमा की जा चुकी है तो निस्तारण पर वह नियमानुसार वापस कर दी जाती है। यहां आपसी सहमति से लिए गए निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होते हैं। जिनकी आगे कोई अपील नहीं की जा सकती।