पडुचेरी में वी नारायणसामी सरकार संकट में, उपराज्यपाल ने दिया फ्लोर टेस्घ्ट का आदेश

Spread the love

पुडुचेरी, एजेंसी। तेलंगाना के राज्यपाल के अलावा पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने वाली टी़ सुंदरराजन ने गुरुवार को वी नारायणसामी सरकार को 22 फरवरी को शाम 5 बजे तक पडुचेरी विधान सभा में फ्लोर टेस्ट का आदेश दिया है। ज्ञात हो कि कांग्रेस गठबंधन की वी नारायणसामी सरकार से 4 विधायकों के इस्घ्तीफे के बाद यह सरकार अल्घ्पमत में आ गई है। वहीं पुडुचेरी के मुख्यमंत्री नारायणसामी का कहना है कि हम बहुमत साबित करेंगे।
पुडुचेरी के भाजपा अध्यक्ष वी समिनाथन ने कहा कि मुख्यमंत्री वी नारायणसामी बहुमत खो चुके हैं और बहुमत होने का उनका दावा गलत है। उनकी सरकार 22 फरवरी को गिर जाएगी। सभी 14 विपक्षी विधायक एकजुट हैं।
पुडुचेरी के भाजपा अध्यक्ष वी समिनाथन ने कहा कि मुख्यमंत्री वी नारायणसामी बहुमत खो चुके हैं और बहुमत होने का उनका दावा गलत है। उनकी सरकार 22 फरवरी को गिर जाएगी। सभी 14 विपक्षी विधायक एकजुट हैं। वहीं, पुडुचेरी भाजपा के सह प्रभारी राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि अधिकांश कांग्रेसियों के लिए यह स्पष्ट हो गया है कि वे एक ऐसी पार्टी में हैं, जिसके नेतृत्व में भ्रष्टाचार, झूठ, पाखंड और विरासत की राजनीति है, कांग्रेसियों को समझ आ गया है कि भारत की जनता अब कांग्रेस के साथ नहीं है।
इससे पहले कांग्रेस विधायक ए जन कुमार, मल्लदी ष्ण राव, नमिचीवम और थिपिनदान अपना इस्तीफा दे चुके हैं। चार कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री नारायणसामी सरकार पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। बताया जाता है कि ए जन कुमार समेत कई विधायक जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। इस बाबत समाज कल्याण मंत्री कंधासामी ने कहा कि कांग्रेस-डीएमके गठबंधन सरकार के लिए कोई बाधा नहीं हैं।
तेलंगाना की राज्यपाल टी़ सुंदरराजन ने गुरुवार को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के उपराज्यपाल पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल ली। इसके साथ ही स्पष्ट किया वह यहां किसी टुपे मकसद से नहीं बल्कि लोगों की सेवा करने के लिए आई हैं और श्जनता राज्यपालश् के तौर पर संविधान के अनुसार काम करेंगी।वह इस केंद्र शासित प्रदेश की पांचवीं महिला उपराज्यपाल हैं। मद्रास हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी ने उन्हें राज निवास में आयोजित एक सादे समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। वह पड़ोसी राज्य तमिलनाडु की रहने वाली हैं और उन्होंने तमिल भाषा में शपथ ली।
ज्ञात हो कि 30 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस ने 2016 के विधानसभा चुनावों में 15 विधानसभा सीटें जीती थीं। कांग्रेस को तीन डीएमके और एक निर्दलीय विधायक का समर्थन मिला था, लेकिन अब सदन में कांग्रेस विधायकों की संख्या 10 हो गई है। चार विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, जबकि एक को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण निकाला गया है। वहीं, चुनाव में एआईएनआरसी को सात सीटें, जबकि एआएडीएमके को चार सीटें मिली थीं। सदन में भारतीय जनता पार्टी के तीन नामित सदस्य हैं। पुडुचेरी में चुनाव होना है, जिसकी तारीखों का एलान जल्द हो सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!