जयन्त प्रतिनिधि।
रूद्रप्रयाग : ग्राम्य विकास विभाग के तत्वावधान में बुधवार को विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के अंतर्गत जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं एवं अन्य प्रतिभागियों ने उद्यम स्थापना से जुड़ी अपनी जिज्ञासाएं विशेषज्ञों के समक्ष रखीं, जिनका विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। प्रतिभागियों को सफल उद्यमियों के अनुभवों एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े उदाहरणों के माध्यम से भी प्रेरित किया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने की। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, युवा एवं इच्छुक उद्यमी इस योजना का लाभ लेकर अपने स्वयं के उद्यम स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों से भी योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र लाभार्थियों तक इसकी जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना रुद्रप्रयाग के इनक्यूबेशन मैनेजर भरत सिंह बिष्ट ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना का उद्देश्य युवाओं, महिलाओं एवं इच्छुक उद्यमियों को रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला उद्यमी बनाना है। योजना के माध्यम से उद्यम स्थापना के प्रत्येक चरण में तकनीकी मार्गदर्शन, व्यवसाय पंजीकरण, बिजनेस प्लान तैयार करने, वित्तीय संस्थानों से समन्वय, विपणन, ब्रांडिंग तथा उत्पादों की बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने में सहयोग प्रदान किया जाता है। कार्यशाला में विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। विशेषज्ञों ने व्यवसाय की शुरुआत करने, बिजनेस मॉडल तैयार करने, व्यवसाय पंजीकरण की प्रक्रिया, वित्तीय प्रबंधन, बैंक ऋण एवं अन्य वित्तीय सहायता प्राप्त करने के तरीकों, उत्पाद की ब्रांडिंग, पैकेजिंग तथा आधुनिक विपणन तकनीकों पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं ऑनलाइन माध्यमों के जरिए उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए गए। इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी लोकेंद्र बिष्ट, जिला सेवायोजन अधिकारी सुशील चमोली, आरसेटी निदेशक अरुण कुमार मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना रुद्रप्रयाग के इनक्यूबेशन मैनेजर भरत सिंह बिष्ट और हिमांशु बत्र्वाल, बैंक प्रतिनिधि, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी एवं कार्मिक, स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।