फूलों से सजाए गए यमुनोत्री-गंगोत्री मंदिर

उत्तरकाशी/बड़कोट। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में शीतकालीन कपाट बंद होने की तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपावली के उल्लास के बीच दोनों धामों में मां गंगा और यमुना के मंदिरों को फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। यमुनोत्री धाम में तीन और गंगोत्री धाम में पांच क्विंटल रंग बिरंगे फूलों से मंदिरों को सजाया गया है। फूलों से सजे मंदिरों की आकर्षक छटा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, अब दोनों धामों में मां गंगा और यमुना की विदाई की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
गंगोत्री धाम के कपाट आगामी 10 नवंबर को विधि-विधान और धार्मिक परंपराओं के अनुसार शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन प्रवास के लिए मुखबा गांव स्थित गंगा मंदिर पहुंचेगी। वहीं, यमुनोत्री धाम के कपाट 11 नवंबर को भैयादूज के पावन पर्व पर बंद होंगे।
कपाट बंद होने के बाद मां यमुना की उत्सव डोली खरसाली स्थित यमुना मंदिर पहुंचेगी। जहां श्रद्धालु शीतकाल के दौरान मां गंगा और यमुना के दर्शन कर सकेंगे। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल ने बताया कि दीपावली और भैयादूज से पहले मंदिर को करीब तीन क्विंटल रंग-बिरंगे फूलों से सजाया गया है। 11 नवंबर को कपाट बंद होने के कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल ने बताया कि गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इससे पहले मंदिर को करीब पांच क्विंटल फूलों से सजाया गया है।

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