पीएम मोदी बोले, कोरोना महामारी हमारे धैर्य की परीक्षा ले रही है

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका भारत के रणनीतिक और साझेदारी फोरम (यूएसआइएसपीएफ) के तीसरे सम्मेलन को संबोधित करने वाले हैं। प्रधानमंत्री वीडियो कन्फ्रेंस के माध्यम से अपना संबोधन देंगे। बता दें कि यूएसआईएसपीएफ एक गैर-लाभकारी संगठन है जो भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी के लिए काम करता है। प्रधानमंत्री के भाषण से जुड़े हर अपडेट के लिए बने रहे रंहतंद़बवउ के साथ़.़
प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरे कोरोना पीरियड के दौरान, लकडाउन के समय भारत सरकार का एक ही मकसद था – गरीबों की रक्षा करना। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना पूरे विश्व की सबसे बड़ी समर्थन प्रणाली है। इसके तहत लगभग 800 मिलियन लोगों को खाद्यान्न उपलब्ध करवाया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास के लिए एक मानव केंद्रित नजरघ्एि को आगे बढ़ाना। वर्तमान स्थिति एक नई मानसिकता की मांग करती है। एक मानसिकता जिसका दृष्टिकोण विकास के लिए मानव केंद्रित हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत पहला ऐसा देश था जिसने सबसे पहले मास्क का इस्तेमाल और फेस कवर करने को एक हेल्थ मेजर की तरह लिया। हमने सबसे पहले सोशल डिस्टेंसिंग के लिए पब्लिक अवेयरनेस र्केपेन चलाए थे!
महामारी ने कई चीजों को प्रभावित किया है लेकिन इसने 1़3 अरब भारतीयों की आकांक्षाओं और महत्वाकांक्षाओं को प्रभावित नहीं किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जनवरी में हमारे पास कोरोना संक्रमण की जांच के लिए एक टेस्टिंग लैब थी। मौजूदा वक्घ्त में देशभर में 1600 टेस्टिंग लैब हैं। यही नहीं भारत में डेथ रेट दुनियाभर के मुकाबले काफी कम है।

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