देहरादून। पूरे साल रोजगार और महंगाई भत्ते की मांग को लेकर गुरुवार को पीआरडी जवानों का गुस्सा भड़क उठा। विभागीय मंत्री रेखा आर्य के आवास का घेराव करने जा रहे जवानों को जब पुलिस ने यमुना कॉलोनी गेट पर बैरिकेडिंग लगाकर रोका, तो वहां जमकर हंगामा हुआ। आक्रोशित जवान पुलिस से धक्का-मुक्की करते हुए बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। बाद में पुलिस ने जिलाधिकारी से मुलाकात का भरोसा देकर मामला शांत कराया। गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर सैकड़ों जवान परेड ग्राउंड में इकट्ठा हुए और वहां से विभागीय मंत्री रेखा आर्य के घर का घेराव करने के लिए निकल पड़े। कनक चौक, घंटाघर और बिंदाल पुल होते हुए जैसे ही जवान यमुना कॉलोनी पहुंचे, पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट पर ही भारी बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया।
यहां उनकी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस और नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते माहौल इतना गरमा गया कि कुछ जवान गुस्से में बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए, जिससे पुलिस और जवानों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद सभी जवान वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में पुलिस के बड़े अधिकारियों ने जवानों को शांत कराया और देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान से उनकी मुलाकात करवाने का भरोसा दिया, तब जाकर हंगामा शांत हुआ। संगठन के जिलाध्यक्ष नवीन बिष्ट ने बताया कि पीआरडी जवान पिछले 72 दिनों से एकता विहार में शांति से धरना दे रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। महंगाई के इस दौर में जवानों को पूरा रोजगार भी नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनके सामने परिवार पालने का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन में सुधीर तोमर, विनोद तोमर, किशन रावत, दीपा रावत और उजला रावत समेत बड़ी संख्या में जवान शामिल रहे।