तीसरी लहर की तैयारी: केंद्र सरकार ने कहा, बच्चे फैला सकते हैं कोरोना संक्रमण

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नई दिल्ली , एजेंसी। केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि बच्चे कोविड-19 संक्रमण फैला सकते हैं लेकिन उन्हें लगभग हमेशा हल्का संक्रमण होता है और उनमें मृत्यु दर भी बेहद कम होती है। यह बयान उस आशंका के बीच आया है जो कोरोना की तीसरी लहर के बारे में जताई जा रही है कि अगली लहर बच्चों के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है।
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ड़ हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा था कि ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लगातार बेहतर किया जा रहा है।
वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि सकारात्मकता दर घटने के साथ देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति भी नियंत्रण में आ रही है। इसके साथ ही दैनिक और सक्रिय मामलों की संख्या में भी कमी आ रही है। मंत्रालय ने बताया कि 10 मई को देश में सकारात्मकता दर 24़83 फीसदी थी जो 22 मई को 12़45 फीसदी पर आ गई है।
हालांकि, मंत्रालय ने बताया कि देश में अभी भी आठ राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या एक लाख से अधिक है। वहीं, 18 राज्य ऐसे हैं जहां कोविड सकारात्मकता दर 15 फीसदी से ऊपर है। मंत्रालय ने कहा कि कुल मिलाकर कोविड के मामलों में कमी आ रही है लेकिन अभी भी 382 जिलों में सकारात्मकता दर 10 फीसदी से अधिक है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि सात राज्य ऐसे हैं जहां रोजाना 10 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैंऔर छह राज्यों में यह आंकड़ा पांच से 10 हजार के बीच है। छह राज्यों में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा ऊंचा है। इनमें महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पंजाब और दिल्ली हैं।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) ड़ वीके पल ने कहा कि देश के बड़े हिस्से में कोरोना महामारी की स्थिति अब नियंत्रण में आ रही है। ड़ पल ने कहा कि देश में कोरोना की सकारात्मकता दर घट रही है और महामारी के सक्रिय मामलों में भी कमी आ रही है, जो कि हमारे लिए एक सकारात्मक संकेत है।
डा़पल ने कहा, एक व्यक्ति को पहली खुराक दूसरे टीके की और दूसरी खुराक किसी और टीके लगाना वैज्ञानिक और सैद्घांतिक रूप से यह संभव है। लेकिन इसकी सिफारिश करना अभी ठीक नहीं है क्योंकि यह स्थिति अभी विकसित हो रही है। अभी इसके बारे में पुख्ता प्रमाण नहीं हैं और आने वाले समय में ही यह पता चल सकेगा।

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