प्रधानाचार्य की डिग्रियों को बताया फर्जी, एसआईटी जांच की उठाई मांग

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युवा बेरोजगार संघ ने प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी से की मुलाकात
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : एकेश्वर ब्लॉक के इंटर कॉलेज इंदिरापुरी के प्रधानाचार्य की शैक्षणिक डिग्रियों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। युवा बेरोजगार संघ ने प्रधानाचार्य की डिग्रियों को फर्जी बताते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी मामले में मिलीभगत होने का आरोप लगाया। चेतावनी दी कि यदि प्रधानाचार्य को तत्काल पद से हटाकर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो विभाग की मिलीभगत की आशंका और मजबूत होगी।
युवा बेरोजगार संघ ने मंगलवार को प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी अंशुल बिष्ट से मुलाकात की और पूरे मामले की एसआईटी से जांच कराने की मांग की। संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने बताया कि करीब दो माह पहले मामले की शिकायत शिक्षा विभाग से की गई थी। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत प्रधानाचार्य की डिग्रियों की प्रतियां मांगी गईं, लेकिन विभाग ने बिना प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराईं। उनका आरोप है कि इससे विभाग की भूमिका भी संदेह के घेरे में आती है। उन्होंने कहा कि दो महीने बीतने के बावजूद विभाग ने मामले में कोई ठोस जांच शुरू नहीं की। संबंधित विश्वविद्यालयों से डिग्रियों के सत्यापन के लिए भी पत्राचार नहीं किया गया। आशंका जताई कि कार्रवाई में देरी से प्रधानाचार्य फर्जी दस्तावेज तैयार कर सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विभाग पहले भी प्रधानाचार्य को दो बार जांच के लिए तलब कर चुका है, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए। इस मौके संघ के उपाध्यक्ष सुरेश सिंह, राकेश गौरशाली, नमन चंदोला, मातंग मलासी आदि मौजूद रहे।

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