जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने राष्ट्रीय राजनीतिक दलों पर राज्य आंदोलनकारियों और उनके सपनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उक्रांद नेताओं ने कहा कि राज्य गठन को लंबा समय बीतने के बावजूद पहाड़ की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है। स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं होने से लगातार पलायन बढ़ रहा है।

उक्रांद नेता मुकेश बिष्ट के नेतृत्व में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी रिखणीखाल के आठबाखल और अंदरगांव पहुंचे। यहां आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि अलग राज्य की लड़ाई बेहतर पहाड़ और स्थानीय लोगों के विकास की उम्मीद के साथ लड़ी गई थी। राज्य बनने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। वक्ताओं ने कहा कि पहाड़ के कई क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, रोजगार के सीमित साधन और शिक्षा संबंधी समस्याएं लोगों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। वहीं जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक से ग्रामीणों की सुरक्षा भी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान के लिए उक्रांद जल्द ही जन आंदोलन शुरू करेगा। इस दौरान दो अक्टूबर 1994 के रामपुर तिराहा कांड में शहीद हुए राज्य आंदोलनकारियों को याद किया गया। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर यतेंद्र देवरानी, प्रेम सिंह रावत, सुबोध रावत, रवींद्र नेगी, राहुल गुसाईं सहित उक्रांद के कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।