नई दिल्ली । चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की तीन राज्यसभा सीटों और देश की तीन प्रमुख विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के कार्यक्रमों का आधिकारिक एलान कर दिया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक, पश्चिम बंगाल की इन खाली हुई राज्यसभा सीटों पर आगामी 24 जुलाई 2026 को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक वोट डाले जाएंगे और इसी दिन शाम पांच बजे से वोटों की गिनती (मतगणना) शुरू कर दी जाएगी।
घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इस चुनावी प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत 7 जुलाई को अधिसूचना जारी होने के साथ होगी। उम्मीदवार 14 जुलाई तक अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे, जिनकी जांच (स्क्रूटनी) 15 जुलाई को की जाएगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 17 जुलाई मुकर्रर की गई है, जबकि पूरी चुनाव प्रक्रिया 27 जुलाई तक संपन्न करा ली जाएगी।
टीएमसी में मची सियासी भगदड़ से खाली हुईं सीटें
पश्चिम बंगाल में हुए हालिया विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पूर्व सत्ताधारी दल ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (ञ्जरूष्ट) के भीतर अभूतपूर्व राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली है। बगावत की यह आंच विधानसभा से शुरू होकर राज्यसभा और लोकसभा तक पहुंच चुकी है। टीएमसी के तीन राज्यसभा सांसदों के सिलसिलेवार इस्तीफों के कारण ही ये सीटें खाली हुई हैं:
शुखेंदु शेखर रॉय: पार्टी के सबसे वरिष्ठ राज्यसभा सांसद शुखेंदु शेखर रॉय ने सबसे पहले 8 जून को अपने पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर सबको चौंका दिया था। इनका कार्यकाल 18 अगस्त 2029 तक था।
सुष्मिता देव: इसके ठीक दो दिन बाद यानी 10 जून को सांसद सुष्मिता देव ने भी व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पाला बदल लिया और इस्तीफा सौंप दिया। इनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2030 तक था।
प्रकाश चिक बराइक: सुष्मिता देव के इस्तीफे के अगले ही दिन यानी 11 जून को राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने भी अपने पद का परित्याग कर दिया था। इनका कार्यकाल भी 18 अगस्त 2029 तक था।