जयन्त प्रतिनिधि।
चमोली : चमोली जनपद के अणीमठ गांव की रश्मि देवी ने सीमित संसाधनों और रोजमर्रा की चुनौतियों के बीच कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उनका अपना व्यवसाय होगा और वही उनकी पहचान बनेगा। राज्य सरकार की स्वरोजगारोन्मुखी पहल और रीप परियोजना के माध्यम से उन्हें प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहयोग मिला। रश्मि देवी ने इस अवसर को केवल सहायता नहीं, बल्कि अपने भविष्य की नई शुरुआत बनाया।

सिद्धनाथ स्वयं सहायता समूह की सदस्य तथा जय माँ गढ़ी भवानी ग्राम संगठन, पर्णखंडेश्वरी क्लस्टर से जुड़ी रश्मि देवी ने रीप (रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट) के सहयोग से अपने सपनों को नई उड़ान दी। उन्हें 17 सितम्बर 2025 को रेस्टोरेंट व्यवसाय स्थापित करने के लिए 75,000 की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने अपने गांव में एक छोटा-सा रेस्टोरेंट शुरू किया। शुरुआत में चुनौतियां आईं, लेकिन उनके आत्मविश्वास, मेहनत और बेहतर सेवाओं ने धीरे-धीरे ग्राहकों का विश्वास जीत लिया। आज उनका रेस्टोरेंट स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों की भी पसंद बन चुका है। रश्मि देवी आज अपने रेस्टोरेंट व्यवसाय से प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार की आय अर्जित कर रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि उनके बच्चों की शिक्षा, परिवार की जरूरतें और भविष्य के सपने भी नई उड़ान भर रहे हैं। रश्मि देवी कहती हैं कि यदि उन्हें रीप परियोजना का सहयोग न मिला होता, तो शायद उनका सपना केवल सपना ही रह जाता। आज वे आत्मनिर्भर हैं और अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनका मानना है कि यदि महिलाएं अवसर का सही उपयोग करें और आत्मश्विास के साथ आगे बढ़ें, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।