महान नायकों के विक्टोरिया क्रास और अशोक चक्र से सुसज्जित हुआ रेजिमेंटल संग्रहालय

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दो महान सपूतों के परिवारों ने सौंपी अपनी अमूल्य धरोहर
जयन्त प्रतिनिधि।
लैंसडौन : गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर के ऐतिहासिक भवानी दत्त परेड ग्राउण्ड में आयोजित 25वें द्विवार्षिक सम्मेलन के दौरान एक अत्यंत भावुक, गौरवपूर्ण एवं ऐतिहासिक ‘अमर वीर शौर्य समर्पण समारोह’ का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर भारतीय सेना के दो महान सपूतों के परिवारों ने उनके मूल वीरता पदकों को हमेशा के लिए रेजिमेंटल संग्रहालय को समर्पित कर राष्ट्रभक्ति और सैन्य परंपरा का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया।
प्रथम विश्व युद्ध के महानायक स्व. नायक दरवान सिंह नेगी का ऐतिहासिक “विक्टोरिया क्रास” उनके पौत्र दिनेश नेगी एवं ब्रिगेडियर नितिन नेगी द्वारा रेजिमेंट को सौंपा गया। यह वहीं गौरवशाली पदक है जिसे एक सदी पूर्व रणभूमि में अदम्य साहस, नेतृत्व और सर्वोच्च बलिदान की भावना के लिए प्रदान किया गया था। इसी क्रम में “आपरेशन ब्लू स्टार” के दौरान मातृभूमि की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त नायक भवानी दत्त जोशी का “अशोक चक्र” भी उनकी पत्नी श्रीमती विमला देवी और उनके पुत्र लेफ्टिनेंट हरीश जोशी द्वारा श्रद्धापूर्वक रेजिमेंटल संग्रहालय को भेंट किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल डी. एस. राणा, परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, युद्ध सेवा मेडल, सेना मेडल, पी.एच.डी, कमांडर-इन-चीफ, स्ट्रैटेजिक फोर्स कमांड, कर्नल ऑफ द रेजिमेंट, गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स ने इन गौरवशाली पदकों को औपचारिक रूप से स्वीकार किया। रेजिमेंट की ओर से कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कर्नल आफ दा रेजिमेंट ने दोनों परिवारों को इन पदकों के विशेष ‘स्मृति प्रतिरूप’ भेंट किये, ताकि इन वीरों की स्मृतियां उनके घरों में भी सदैव जीवंत रहें। इस अवसर पर कर्नल आफ दा रेजिमेंट ने अपने संबोधन में कहा कि ये पदक केवल वीरता के प्रतीक नहीं, बल्कि उन परिवारों के त्याग, सम्मान, राष्ट्र निष्ठा और अदम्य साहस की अमूल्य धरोहर है। रेजिमेंट इस नि:स्वार्थ समर्पण के लिए सदैव इन परिवारों की ऋणी रहेगी। अब ये पदक आने वाली पीढ़ियों को देशसेवा, साहस और बलिदान की प्रेरणा देते रहेंगे।

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