ऋषिकेश में खतरे के निशान के करीब गंगा

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ऋषिकेश। उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण ऋषिकेश में गंगा का स्तर बढ़ गया है। यहां गंगा चेतावनी रेखा को टूकर बह रही है। स्वर्गाश्रम परमार्थ घाट पर गंगा शिवमूर्ति के पास पहुंच गई है। वहीं, त्रिवेणी घाट में आरती स्थल समेत सभी सीढ़िया जलमग्न है।
प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्र में बारिश के कारण गंगा की सहायक नदियों में अत्यधिक पानी आ गया है।ाषिकेश में चंद्रभागा नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है, जिससे गंगा के जलस्तर में भी वृद्घि हुई है।
बीते सोमवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा से 40 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गया था, लेकिन मंगलवार को जलस्तर चेतावनी रेखा को टूकर बह रहा है।
गंगा चेतावनी रेखा से 15 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। यहां चेतावनी रेखा 339़50 मीटर निर्धारित है। खतरे का निशान 340़50 मीटर निर्धारित है। यहां गंगा खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। वहीं़ स्वर्गाश्रम परमार्थ घाट पर गंगा शिव मूर्ति के समीप पहुंच गई है।
बात त्रिवेणी घाट की करें, तो यहां आरती अस्थल समेत सभी सीढ़ियां जलमग्न हैं। कोतवाली पुलिस के द्वारा सुरक्षा को देखते हुए यहां पुलिस के जवान लगाए गए हैं। चंद्रभागा नदी के तट पर रहने वाले झुग्गी झोपड़ी वासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा का जलस्तर का बढ़ना जारी है।
वहीं, यमुनोत्री धाम के निकट घोड़ा पड़ाव के पास एक नाले में बारिश के कारण उफान आ गया। उफान के साथ आए मलबे से यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला मार्ग बाधित हो गया है। साथ ही घोड़ा पड़ाव और रास्ते को भी काफी नुकसान पहुंचा है। बीते सोमवार को हुई बारिश के कारण यमुनोत्री धाम के घोड़ा पड़ाव के पास पहाड़ी से उफान के साथ आए मलबे से यमुनोत्री धाम को जोड़ने वाला रास्ता बाधित हुआ है। साथ ही घोड़ा पड़ाव और आसपास भी क्षति हुई है। यमुनोत्री धाम जाने वाले यात्रियों किसी तरह मलबे के ऊपर से होकर आवाजाही करनी पड़ रही है।

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