बड़कोट। यमुनोत्री धाम में मानसून के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की भीड़ ने व्यवस्थाओं की चुनौती बढ़ा दी है। जानकीचट्टी में रोटेशन व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी संचालक एक साथ यात्रियों को अपनी सेवा के लिए आकर्षित करने में जुट रहे हैं।
यात्रियों के वाहन से उतरते ही संचालक उन्हें अपनी ओर बुलाने के लिए होटल-ढाबों और वाहनों तक पहुंच रहे हैं। इससे जानकीचट्टी में अनावश्यक भीड़ बढ़ रही है और श्रद्धालुओं को पैदल मार्ग की ओर जाने में असुविधा हो रही है। भीड़ के बीच बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा कर रहे यात्रियों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। चारधाम होटल एसोसिएशन के प्रवक्ता संदीप राणा, यमुनोत्री मंदिर समिति के पूर्व सचिव सुरेश उनियाल और महावीर पंवार ने घोड़े-खच्चरों की रोटेशन व्यवस्था को सख्ती से लागू करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने जिला पंचायत से रोटेशन व्यवस्था की नियमित निगरानी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सभी घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी संचालकों को एक साथ यात्रियों की तलाश में आने से रोककर निर्धारित क्रम में संचालन कराया जाए।