सड़क मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने किया वन विभाग और लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन

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रुद्रप्रयाग। रूमसी भौंसाल सहित अनेक गांवों को जोड़ने वाली सड़क का निर्माण न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग और लोनिवि कार्यालय में प्रदर्शन किया। जबकि इसके बाद कलक्ट्रेट में धरना दिया और जिलाधिकारी के माध्यम सरकार को ज्ञापन दिया। कलक्ट्रेट में केदारनाथ विधायक मनोज रावत ने भी ग्रामीणों के साथ पहुंचे।सोमवार को सुबह 9 बजे मोटर मार्ग निर्माण संघर्ष समिति के बैनर तले भौंसाल, रूमसी, जहंगी, डोभा, गणेशनगर आदि गांवों के ग्रामीण रुद्रप्रयाग पहुंचे। नारेबाजी के साथ ग्रामीणों ने रुद्रप्रयाग वन प्रभाग के परिसर में धरना दिया। इस मौके पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे राज्य आंदोलनकारी व पूर्व जिपं सदस्य अवतार सिंह राणा ने कहा कि स्पेशल कंपोनेंट प्लान में अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्र को जोडऩे के लिए वर्ष 2005 में नाकोट-ताली-जहंगी मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था, किंतु वन व लोनिवि की उपेक्षा के चलते आज तक निर्माण शुरू नहीं हो पाया है, जिस कारण ग्रामीण मीलों पैदल नापने को मजबूर हैं। कहा कि वन संपदा की क्षतिपूर्ति के लिए रूमसी के ग्रामीणों द्वारा पौधरोपण के लिए सिविल भूमि वन विभाग को दी गई। लेकिन विभाग ने यह कहकर इंकार कर दिया गया कि भूमि ढलानयुक्त है, जिस पर पौधरोपण संभव नहीं हैं। उन्होंने अगस्त्यमुनि-डोभा-गणेशनगर मोटर मार्ग का निर्माण न होने पर भी रोष जताया। कहा कि दो दिन में अगर विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीण मोटर मार्ग निर्माण को लेकर 14 अक्टूबर को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के लिए बाध्य होंगे। इस मौके पर केदारनाथ विधायक मनोज रावत, जिपं सदस्य कुलदीप कंडारी, पूर्व जिपं उपाध्यक्ष किशोरी नंदन डोभाल उक्रांद जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद नौटियाल ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग का समर्थन किया। धरना देने वालों में रूमसी, भौंसाल आदि गांवों के ग्राम प्रधान, क्षेपं सदस्य और ग्रामीण शामिल थे।

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