बड़कोट। यमुनोत्री धाम के पैदल यात्रा मार्ग पर कुली एजेंसी की रोटेशन व्यवस्था नियमित रूप से संचालित नहीं हो रही है। जिला पंचायत की नाकामी पर घोड़ा-खच्चर संचालकों में नाराजगी है। उन्होंने रोटेशन व्यवस्था लागू करने में भेदभाव किए जाने का आरोप लगाया है और जिला पंचायत से व्यवस्था को पारदर्शी और समान रूप से लागू करने की मांग की है।
घोड़ा-खच्चर संचालक आशीष मोहन, बुजमोहन, दिनेश, सुमन, दुर्गेश, हरीश, मोहन लाल आदि ने कहा कि पैदल मार्ग पर रोटेशन व्यवस्था का पालन मुख्य रूप से घोड़ा-खच्चर संचालकों पर कराया जा रहा है जबकि डंडी-कंडी मजदूरों के लिए यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं की जा रही है। उनका आरोप है कि कई डंडी-कंडी मजदूर निर्धारित स्टैंड पर रहने के बजाय होटल, ढाबों और वाहनों के आसपास यात्रियों को आकर्षित करने में लगे रहते हैं।
संचालकों का कहना है कि यदि प्रशासन वास्तव में रोटेशन व्यवस्था को ईमानदारी और निष्पक्ष तरीके से लागू करना चाहता है तो राम मंदिर के समीप सभी श्रेणी के यात्रा संचालकों और मजदूरों पर समान रूप से सख्ती की जानी चाहिए। इससे यात्रियों को अनावश्यक रूप से आकर्षित करने की होड़ पर रोक लगेगी और पैदल मार्ग पर व्यवस्था भी बेहतर होगी।