शिवमहापुराण कथा का हवन यज्ञ एवं भंडारे के साथ समापन, कीर्तन मंडलियां सम्मानित

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत हल्दूखाता स्थित धोबीघाट शिव मंदिर में आयोजित नौ दिवसीय सार्वजनिक शिवमहापुराण कथा का शनिवार को विधिवत हवन यज्ञ, पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारे के साथ समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कथा वाचक आचार्य राकेश लखेड़ा ने शिवमहापुराण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए अन्नदान को सभी दानों में श्रेष्ठ बताया। न्होंने कहा कि भूखे और जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। अन्नदान से न केवल व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है, बल्कि उसके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली का भी वास होता है। आचार्य लखेड़ा ने कहा कि घर में आने वाले साधु-संतों एवं जरूरतमंदों का आदर-सत्कार कर उन्हें श्रद्धापूर्वक दान देना चाहिए। इससे परिवार में धन-धान्य, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की नियमित पूजा-अर्चना और स्मरण करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि देवों के देव महादेव का नाम लेने मात्र से मनुष्य बड़े से बड़े संकट से उबर सकता है। कथा समापन के अवसर पर हवन यज्ञ एवं पूर्णाहुति संपन्न कराई गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर विश्व कल्याण और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर व्यास पीठ की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न कीर्तन मंडलियों को सम्मानित किया गया। आचार्य राकेश लखेड़ा ने कहा कि कीर्तन मंडलियां समाज में धार्मिक चेतना जागृत करने और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सम्मान प्राप्त करने वाली मंडलियों के सदस्यों ने इसे अपने कार्यों के प्रति प्रोत्साहन बताया। कार्यक्रम में नर्मदा देवी, दीपा देवी, संगीता रावत, कुसुम लता सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।

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