कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को गंभीरता जरूरी

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जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन योजना की बहाली, गोल्डन कार्ड की विसंगतियों के समाधान और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार से गंभीरता से कार्य करने की मांग की है। परिषद का कहना है कि कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाना आवश्यक है।
गुरुवार को ग्रास्टनगंज स्थित उद्यान विशेषज्ञ कार्यालय में आयोजित परिषद की बैठक में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष अरूण पाण्डेय ने कहा कि राज्य के विभिन्न विभागों के कर्मचारी लंबे समय से गोल्डन कार्ड संबंधी विसंगतियों और अन्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इन विषयों पर मुख्य सचिव स्तर पर बैठक हो चुकी है और परिषद को उम्मीद है कि शासन जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेकर समस्याओं का समाधान करेगा। बैठक में परिषद के पूर्व महामंत्री भारत बिष्ट ने वर्ष 2009 से पूर्व नियुक्त बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई। वहीं उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय महामंत्री डॉ. महावीर बिष्ट और उपाध्यक्ष अजय बिष्ट ने गोल्डन कार्ड की खामियों को दूर करने तथा अशासकीय विद्यालयों के 413 शिक्षकों के विनियमितीकरण की मांग रखी। ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संतन बिष्ट ने पुरानी पेंशन योजना को पुन: लागू करने और कर्मचारियों को वाहन भत्ता दिए जाने की मांग की। बैठक के दौरान शाखा अध्यक्ष मुकेश रावत ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रांतीय अध्यक्ष अरुण पाण्डेय को सौंपा। बैठक में संतन बिष्ट, कैलाश थपलियाल, अखिलेश रावत, भास्करराज भारद्वाज, पंकज पटवाल, भारत बिष्ट, हरेंद्र सिंह बिष्ट, राजेश सिंह, अनीता रावत, धारणा शर्मा, पूनम पंवार, प्रीति शर्मा सहित अन्य कर्मचारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक का संचालन मुकेश रावत ने किया।

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