रांची ,झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और धांधली के खिलाफ छात्रों का आंदोलन उग्र रूप लेता जा रहा है। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले 22 दिनों से धरने पर बैठे प्रतियोगी छात्रों ने अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग कर दी है। हम 22 दिनों से बैठे हैं, क्या कीड़े-मकोड़े हैं?
प्रदर्शनकारी छात्र प्रतिनिधि पीयूष कुमार ने सरकार के रुख और हाल ही में शुरू किए गए संवाद अभियान पर तीखा हमला बोला
संवाद अभियान पर तंज : उन्होंने कहा, पहले अंग्रेज बहादुर का राज था और अब सरकार बहादुर का राज है। सरकार ने छात्रों की वार्ता, छात्रों के साथ अभियान शुरू किया है, जबकि हम पिछले 22 दिनों से खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे हैं। क्या हम इंसान नहीं हैं?
सरकार पर उपेक्षा का आरोप: छात्रों का कहना है कि सरकार वास्तविक पीड़ित अभ्यर्थियों से सीधे संवाद करने के बजाय दिखावे के अभियान चला रही है।
छात्रों की दो टूक मांगें
आंदोलनकारी छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह अडिग हैं:
परीक्षाएं रद्द हों: जेपीएससी (11वीं से 13वीं) और जेएसएससी की विवादित परीक्षाओं को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
सीबीआई जांच: परीक्षा प्रक्रिया में हुई कथित धांधली और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराई जाए।
इस्तीफे की मांग: यदि सरकार निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित नहीं कर सकती, तो मुख्यमंत्री अपने पद से त्यागपत्र दें।
आंदोलन तेज करने की रूपरेखा: पुतला दहन और सीएम आवास का घेराव
छात्रों ने अपने आंदोलन को पूरे राज्य में विस्तार देने की घोषणा की है:
राज्यव्यापी पुतला दहन: सोमवार को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार का पुतला दहन किया जाएगा।
सीएम आवास घेराव: पुतला दहन के बाद भी यदि सरकार ने ठोस निर्णय नहीं लिया, तो राज्यभर के अभ्यर्थी राजधानी रांची कूच करेंगे और मुख्यमंत्री आवास का अनिश्चितकालीन घेराव करेंगे।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, वे सीएम आवास के बाहर डटे रहेंगे और आंदोलन जारी रखेंगे।