जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की ओर से आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को साइबर अपराध सहित अन्य अपराधों के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को आधुनिक दौर में इंटरनेट का उपयोग सोच-समझकर करने की सीख दी गई।
आर्यकन्या इंटर कॉलेज कोटद्वार में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विद्यालय की सभी छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान महिला उपनिरीक्षक सुमन लता एवं कांस्टेबल विद्या मेहता ने छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके संवैधानिक अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में बालक एवं बालिकाओं के लिए विशेष अधिकार निर्धारित किए गए हैं, जिनकी जानकारी होना प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना, संदिग्ध गतिविधि या परेशानी की स्थिति में बिना किसी झिझक के तुरंत पुलिस को सूचना देनी चाहिए। कार्यशाला में नशे के दुष्परिणामों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहकर अपने उज्ज्वल भविष्य के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें। इसके अतिरिक्त, छात्राओं को साइबर सुरक्षा एवं सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि इंटरनेट का उपयोग करते समय सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है और किसी भी अंजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी करते हुए विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे और महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। अंत में जागरूकता का संदेश देते हुए सभी को सतर्क, सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया गया।