एक सप्ताह में प्रशासक नियुक्त करने की मांग, आंदोलन की चेतावनी
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सिद्धपीठ सुखरो देवी मंदिर में पूर्व से सेवा दे रहे पुजारियों को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बुधवार को क्षेत्र के पुरोहितों और मातृशक्ति ने तहसील परिसर पहुंचकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर की व्यवस्थाओं के संचालन के लिए प्रशासन से प्रशासक नियुक्त करने और हटाए गए तीनों पुजारियों को पुन: सेवा में लेने की मांग की।

मायाराम पुरोहित, डा. चंद्रमोहन बड़थ्वाल और सुनील बहुखंडी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिलाएं और अन्य लोग हिंदू पंचायती धर्मशाला में एकत्र हुए। यहां से सभी जुलूस के रूप में तहसील परिसर पहुंचे। तहसील परिसर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मंदिर में वर्तमान में काबिज समिति की ओर से लंबे समय से सेवा दे रहे पुजारियों को हटाया गया है। इससे क्षेत्र के धर्मप्रेमियों के साथ ही मंदिर समिति के संस्थापक और अन्य सदस्यों में भी रोष है। वक्ताओं ने कहा कि सिद्धपीठ की धार्मिक व्यवस्था को लेकर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मंदिर में तत्काल प्रशासक नियुक्त करने तथा हटाए गए तीनों पुजारियों को पूर्व की तरह सेवा में बहाल करने की मांग रखी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान पं. सुधीर दुदपुड़ी, पं. सुनील लखेड़ा, पं. योगेश रतूड़ी, पं. राकेश चमोली, मुन्नालाल मिश्रा और महावीर सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र की मातृशक्ति व अन्य लोग मौजूद रहे।