जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : सिद्धपीठ सुखरो देवी मंदिर की पुरानी समिति ने निकाले गए पुजारियों को बहाल करने की मांग की है। आरोप लगाया कि सात अक्टूबर को तहसील में धरना-प्रदर्शन कर मांगें उठाने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इस संबंध में उन्होंने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी उमेश चंद्र पांथरी को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की।

पुरानी समिति के संस्थापक सदस्य डॉ. चंद्रमोहन बड़थ्वाल और जगतराम जोशी ने कहा कि वर्तमान में मंदिर का संचालन जिस संस्था के लेटर हेड पर किया जा रहा है, उसका वर्ष 2017 के बाद पंजीकरण नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि सोसाइटी रजिस्ट्रेशन अधिनियम के तहत संस्था निष्क्रिय मानी जाती है। ऐसे में संस्था के लेटर हेड का इस्तेमाल कर मंदिर का संचालन करना नियमों के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि मंदिर समिति के पूर्व में हुए चुनाव को लेकर अधिवक्ता विनोद नौटियाल के माध्यम से नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर नवंबर 2026 में सुनवाई होनी है। ऐसे में उनका आरोप है कि विवाद के निस्तारण से पहले वर्तमान मंदिर समिति की ओर से पुजारियों को हटाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस मौके पर महावीर सिंह रावत, भरत मोहन काला, सुनीता रावत और सरिता ध्यानी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।