ठाणे, महाराष्ट्र के ठाणे जिले में निगम अस्पताल के अंदर डॉक्टर और स्टाफ पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) पार्षद रमेश म्हात्रे और अन्य के हमले के बाद डर का माहौल है। कल्याण डोंबिवली नगर निगम (केडीएमसी) द्वारा संचालित शास्त्री नगर अस्पताल में म्हात्रे ने जिन डॉक्टरों पर हमला किया था, उसमे से एक ने इस्तीफा दे दिया है। उनका कहना है कि वह डर में जी रहे हैं और उनका अब ठाणे लौटने का कोई इरादा नहीं है।
पीड़ित डॉक्टर ने अपनी पहचान छिपाते हुए कहा, मैंने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि वहां बहुत डर का माहौल है। गुंडे हम पर नजर रख रहे हैं, और मैं शहर छोड़कर जा चुका हूं। वे बहुत खतरनाक लोग हैं। बाकी डॉक्टर वहां काम करना जारी रख सकते हैं, लेकिन मैं नहीं कर सकता। मैं वहां दोबारा कभी नहीं जाऊंगा। डॉक्टर ने बताया कि उनकी मां ने उनकी अकेले परवरिश की है और वह इकलौते संतान हैं।
पीड़ित डॉक्टर ने बताया कि यह पहली बार नहीं हुआ, बल्कि अस्पताल में आए दिन डॉक्टरों और स्टाफ के साथ मारपीट होती है। उन्होंने कहा, हॉस्पिटल में यह पहला हमला नहीं है। एक और पुरुष डॉक्टर के साथ 2 बार मारपीट हुई थी। एक महिला डॉक्टर के साथ 6 महीने पहले मारपीट हुई थी। सीनियर अधिकारियों ने घटनाओं को दबा दिया। यह एफआईआ इसलिए दर्ज हुई क्योंकि वहां सीसीटीवी कैमरा लगा था और वीडियो वायरल हो गई।
केडीएमसी अस्पताल के डॉक्टरों ने बुधवार को एक बच्चे के तीमारदारों को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) भरी होने के कारण अन्य अस्पताल जाने की सलाह दी। डॉक्टरों ने शिशु को उचित देखभाल की जरूरत बताई थी। इसके बाद परिजनों ने पार्षद म्हात्रे को फोन कर दिया, जो अपने साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। इस दौरान म्हात्रे ने महिला डॉक्टर समेत अन्य स्टाफ को पीट दिया। घटना सामने आने के बाद पुलिस ने म्हात्रे समेत 5 को गिरफ्तार किया है।