जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : राजकीय बेस चिकित्सालय में मरीज को गलत दवा दिए जाने का मामला सामने आने पर तीमारदारों ने दवा वितरण काउंटर पर जमकर हंगामा किया। उनका आरोप था कि यदि समय रहते दवा की जांच नहीं की जाती और मरीज उसका सेवन कर लेता, तो गंभीर परिणाम हो सकते थे। बाद में दवा काउंटर पर तैनात कर्मचारियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार, पेट दर्द की शिकायत लेकर एक महिला फिजीशियन डॉ. जेसी ध्यानी की ओपीडी में पहुंची थी। जांच के बाद चिकित्सक ने आवश्यक दवाएं लिखीं। महिला के परिजन चिकित्सालय के दवा काउंटर से दवाएं लेकर घर पहुंचे। घर पर दवाओं की जांच करने पर पता चला कि एक दवा मिर्गी (एपिलेप्सी) के इलाज में उपयोग की जाने वाली थी, जबकि मरीज को ऐसी कोई बीमारी नहीं थी। गलत दवा मिलने की जानकारी के बाद महिला और उसके परिजन तत्काल चिकित्सालय पहुंचे और दवा वितरण काउंटर पर विरोध जताया। उनका कहना था कि दवा वितरण में इस तरह की लापरवाही मरीज की जान के लिए खतरा बन सकती है। करीब आधे घंटे तक चले हंगामे के दौरान परिजनों ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। परिजन शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रमुख अधीक्षक के कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन उस समय वहां कोई अधिकारी मौजूद नहीं मिला। बाद में दवा काउंटर पर तैनात कर्मचारियों ने अपनी त्रुटि स्वीकार करते हुए माफी मांगी और सही दवा उपलब्ध कराई, जिसके बाद परिजन शांत हुए।