गोपेश्वर/नंदानगर। मां नंदा देवी की बड़ीजात की तैयारियों के बीच लगातार हो रही बारिश बड़ी चुनौती बनकर सामने आ रही है। यात्रा मार्गों की मरम्मत और यात्रा पड़ावों पर चल रहे विकास कार्य बारिश के कारण प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर पैदल मार्ग अभी तक बदहाल हैं। जहां मरम्मत कार्य शुरू हुआ था वहां भूधंसाव होने से हालात चिंताजनक बने हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रास्ते दुरुस्त नहीं किए गए तो श्रद्धालुओं और मां नंदा की डोली को टूटे और जोखिम भरे रास्तों से होकर गुजरना पड़ेगा। इस वर्ष मां नंदा देवी की बड़ीजात 5 से 30 सितंबर तक होगी। यात्रा ककेलिए कुरुड़ से लेकर बधाण क्षेत्र में तैयारियां तेज हैं। जिला पंचायत, लोक निर्माण विभाग, वन विभाग और जिला प्रशासन की ओर से यात्रा पड़ावों पर वाहन पार्किंग, शौचालय, पथ प्रकाश, पेयजल व्यवस्था और पैदल मार्गों के निर्माण व सुधारीकरण का कार्य कराया जा रहा है लेकिन रुक-रुक कर हो रही बारिश से कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नंदानगर विकासखंड के तेलाण से बंगाली-सुपताल पैदल मार्ग के करीब पांच किमी हिस्से में लोनिवि कर्णप्रयाग की ओर से सुधारीकरण कार्य कराया जा रहा है। हालिया बारिश के बाद इस मार्ग के कई हिस्से भूधंसाव की चपेट में आ गए हैं जिससे निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है। बंगाली की प्रधान दीपा देवी ने बताया कि मार्ग की स्थिति से विभागीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। लगातार बारिश के कारण कार्य में बाधा आ रही है और समय पर मरम्मत पूरी होना चुनौती बन गया है। इधर जिला पर्यटन विकास अधिकारी अरविंद गौड़ ने बताया कि बड़ीजात के प्रमुख पड़ाव रामणी, नंदानगर, आला और कनोल में वाहन पार्किंग का निर्माण कराया जा रहा है। वहीं रामणी, चरबंग, सुतोल, नंदानगर और भेंटी में पेयजल योजनाओं पर भी कार्य जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पैदल मार्गों पर जहां-जहां भूधंसाव हुआ है वहां यात्रा शुरू होने से पहले आवश्यक मरम्मत कर मार्ग सुरक्षित बनाया जाएगा।