देहरादून। लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर लगभग सभी श्रेणी के वाहनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने मार्ग से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त कामर्शियल वाहन शब्द को लेकर बनी भ्रम की स्थिति स्पष्ट करते हुए विभिन्न श्रेणी के वाहनों के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सीईसी के सदस्य सचिव डॉ. सतीश सी. गढ़कोटी ने छह जुलाई को उत्तराखंड के प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि इस मार्ग पर सवारी वाहन, सरकारी बसें, गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन (जीएमओयू) की बसें, स्कूल बसें, किसानों के ट्रैक्टर और भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों के संचालन की अनुमति दी गई है।