टीएमसी ने 20 लोकसभा सांसदों की बगावत को नकारा, कहा-स्पीकर के पास कोई पत्र नहीं

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कोलकाता, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने अपने 20 लोकसभा सांसदों की बगावत की खबरों को नकार दिया है। पार्टी ने सूची को फर्जी और गलत बताया है। पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी और कीर्ति आजाद ने मंगलवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि 20 सांसदों की नकली और मनगढ़ंत सूची भाजपा ने जारी की है, जिसमें 6 ने किसी भी पेपर पर हस्ताक्षर से साफ मना कर दिया है। आजाद ने कहा कि ऑपरेशन-कमल और अमित शाह फेल हो गए हैं।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को 20 सांसदों द्वारा भेजे गए पत्र की बात फर्जी है क्योंकि 24 घंटे बाद भी ऐसा कोई पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ। कल्याण ने दावा किया कि स्पीकर के कार्यालय ने कहा कि उन्हें ऐसा कोई नहीं मिला, जिसमें 20 सांसद भाजपा नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से जुड़ने की इच्छा जता रहे हों। उन्होंने केंद्रीय मंंत्री भूपेंद्र यादव के साथ सांसदों की मुलाकात पर भी सवाल उठाया।
कल्याण बनर्जी ने कहा कि टीएमसी से अलग होने का प्रयास करने वाले किसी भी समूह को दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर सांसद बगावत करते हैं तो उन्हें संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता से बचने के लिए भाजपा में शामिल होना पड़ सकता है। आजाद ने ऐसे सांसदों को भाजपा से टिकट लेकर चुनाव लड़ने की सलाह दी है और गद्दार बताया है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव हारने के बाद आंतरिक कलह का सामना कर रही टीएमसी के सांसद सुखेंदु शेखर रे ने सोमवार को राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद खबर आई कि टीएमसी की लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 सांसदों ने भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है और लोकसभा स्पीकर को एनडीए में शामिल होने की इच्छा जताने वाला पत्र सौंपा है। हालांकि, ये पत्र सार्वजनिक नहीं हुआ, जिससे सवाल उठने लगे।

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