काशीपुर। किसान फल मक्खी को नष्ट करने के लिए रासायनिक कीटनाशक का प्रयोग करते है, लेकिन यह फसल के लिए फायदे की बजाय नुकसानदायक हो सकता है। कृषि वैज्ञानिक किसानों को फल मक्खी के बचाव के लिए केमिकल की बजाय फ्रूट फ्लाई ट्रैप के प्रयोग की सलाह दे रहे हैं।
जिले में फल मक्खी (फ्रूट फ्लाई) फलों और सब्जियों के लिए गंभीर समस्या बनी है। किसान जानकारी के अभाव में इस मक्खी के नियंत्रण के लिए विभिन्न प्रकार के रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग करते हैं। इनके प्रयोग से फल मक्खी पर पूरी तरह नियंत्रण पाना संभव नहीं है।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अनिल चंद्रा ने बताया कि कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से फलों और सब्जियों में रसायनों के अवशेष लंबे समय तक रहते हैं। ऐसे दूषित फलों का सेवन करने से लोगों के शरीर में कैंसर जैसी घातक और गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कृषि उत्पादों में मौजूद जहरीले रसायनों के कारण विदेशों में इन्हें अस्वीकार किया जा रहा है।
बिना नुकसान के मक्खी पर
होगा नियंत्रण
कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रा ने बताया कि फ्रूट फ्लाई ट्रैप का उपयोग करने से न केवल महंगे व खतरनाक कीटनाशकों पर होने वाले फिजूलखर्च कम होगा, इससे फल मक्खी पर शत-प्रतिशत नियंत्रण भी पाया जा सकेगा। खतरनाक रसायन से मुक्त फलों और सब्जियों के विदेश निर्यात को बढ़ावा मिलने से किसान आर्थिक लाभ भी कमा सकेंगे।