उत्तराखण्ड के लिए चलेगी सीता समाधि एक्सप्रेस नाम से टे्न

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लाओस, कंबोडिया, जापान, बैंकॉक की तर्ज पर विकसित होगा सीता माता मंदिर सर्किट
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी। राष्ट्रीय संस्मरण प्राधिकरण के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कोट ब्लॉक के सितोंनसियूं में सीता माता मंदिर सर्किट का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही यहां राष्ट्रीय स्तर का माता सीता सर्किट आरधना का सबसे बड़ा तीर्थ स्थल बनने जा रहा है। धार्मिक सर्किट के विकसित होने पर यह क्षेत्र आराधना का विश्व स्तर पर सीता सर्किट लोक प्रिय होगा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से लाओस, कंबोडिया, जापान तथा बैंकॉक व अन्य स्थानों पर भी सीता माता से संबंधित स्थल है उसी तर्ज पर कोट पौड़ी का सीता माता मंदिर सर्किट पूर्ण रूप से तथा बेहतरीन ढंग से विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा भी इस क्षेत्र को विकसित करने की रूपरेखा अवश्य तैयार की जाएगी। साथ ही रेल मंत्रालय से वार्ता कर उत्तराखंड के लिए सीता समाधि एक्सप्रेस नाम से ट्रेन भी चलाई जाएगी। जो कि बिहार राज्य के जनकपुर धाम, सीतामड़ी को जोड़ते हुए देहरादून तक इस ट्रेन को संचालित किया जाएगा। पौड़ी के कोट क्षेत्र के लिए इस धार्मिक मार्ग को विकसित किया जाएगा।
राष्ट्रीय संस्मरण प्राधिकरण के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय ने कहा कि विदेश के इन स्थलों पर सीता माता के प्रति लोगों में अगाध प्रेम है। जब उन्हें पता चलेगा कि उत्तराखंड के पौड़ी जिले के इस क्षेत्र में सीता माता से संबंधित स्थल विद्यमान है तो इस क्षेत्र का विकास विश्व स्तर पर होना लाजमी है। उन्होंने कहा कि इससे ना सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि यहां के लोगों को पर्यटन रोजगार भी प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय से वार्ता कर सीता माता के जीवन के विभिन्न पक्षों को लोगों के लिए उजागर किया जाएगा। सीता माता के जीवन से संबंधित दृश्यों को मध्य नजर रखते हुए इस ट्रेन को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। जिस प्रकार नंदा देवी बोर्ड के अध्यक्ष के कार्यकाल के दौरान उन्होंने नंदा देवी नाम से उत्तराखंड में एक ट्रेन चलाई थी। इसी तर्ज पर अब सीता माता एक्सप्रेस भी संचालित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सीता माता के जीवन से जुड़ी विभिन्न झांकियों की संग्रहालय या प्रदर्शनी का निर्माण किया जाना चाहिए। साथ ही इस निर्माण स्थल के लिए पहाड़ की बेहद सुंदर वातावरण को कतई दूषित न किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सितोंनसियूं घाटी में आधुनिक निर्माण कतई नहीं होना चाहिए। क्षेत्र की सौंदर्य को अक्षुण रखते हुए निर्माण कार्य होने चाहिए। यह स्थान अंतर्राष्ट्रीय जन जनक जानकी धाम से पहचाना जाएगा। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की पहल से पूरे दुनिया से यहां लोगों का आवागमन हो सकेगा। इस मौके पर राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण के सलाहकार व पुरातत्ववेत्ता डॉ. शिशिर जैन, विधायक प्रतिनिधि जगत किशोर बड़थ्वाल, महिला मोर्चा की पदाधिकारी सुषमा रावत समेत पार्टी के कई अन्य पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

विधायक ने भी दिये सुझाव
क्षेत्रीय विधायक मुकेश सिंह कोली ने पूर्व राज्यसभा सांसद तरुण विजय को महर्षि वाल्मीकि तथा लक्ष्मण मंदिर होते हुए सीता कोटी तथा विदा कोटी मंदिर का स्थलीय भ्रमण निरीक्षण कराया। उन्होंने कहा कि विगत 3 वर्षों से मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में कोट क्षेत्र के इस मंदिर को पर्यटन हब के रूप में विकसित किए जाने की रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय संस्मारक प्राधिकरण के राष्ट्रीय अध्यक्ष तरुण विजय के कथन अनुसार ही सीता माता मंदिर सर्किट को भव्य रूप से विकसित किया जाएगा।

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