विधानसभा का घेराव के दौरान आप के अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ता गिरफ्तार

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देहरादून। विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान आम आदमी पार्टी विपक्ष की भूमिका में दिखाई दी। आप के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने तीन अलग अलग गेट से विधानसभा घेराव का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने इनको बैरिकेड पर ही रोक दिया जिस कारण इनके बीच जमकर नोक झोंक भी हुई। इस दौरान आप अध्यक्ष समेत कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। कृषि विधेयक और बेरोजगारी केमुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने आज एकदिवसीय सत्र के दौरान विधानसभा कूच किया। इस बार आम आदमी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने नई रणनीति के तहत, प्रदेश अध्यक्ष की अगुवाई में, अलग अलग तीन रास्तों जहां पर बैरिकेड लगा था वहां से अंदर जाने की कोशिश की ,इस दौरान पुलिस से उनकी नोक झोंक हुई। एक तरफ डिफेंस कॉलोनी गेट से आप के अध्यक्ष एस एस कलेर,हेमा भंडारी,हिमांशु पुंडीर मोर्चा संभाले थे जिनकी पुलिस से काफी देर तक नौंक झौंक होने के बाद पुलिस ने उनको गिरफ्तार किया और सुद्धोवाला जेल ले गए जहां उन पर मुकदमा दर्ज कर रिहा कर दिया। इस दौरान पुलिस ने बलपूर्वक प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पीछे धकेल जिसमें आप महिला कार्यकर्ता बेहोश हो गई और प्रदेश अध्यक्ष के गले पर डंडा लगा। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष कलेर ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि संसद में पास हुए काले कानून को लेकर आप कार्यकर्ताओं ने विधानसभा का घेराव किया है, बिल को लेकर बीजेपी और कांग्रेस की सांठगांठ हो चुकी है और जो काम विपक्ष को करना चाहिए था वह काम आम आदमी पार्टी कर रही है,एस एस कलेर ने कहा कि आम आदमी पार्टी भाजपा की दमनकारी नीतियों, लाठी-डंडों से नहीं डरती, और आम आदमी पार्टी आगे भी जनता के हक हकूकों के लिए संघर्ष करती रहेगी, वहीं दूसरी ओर से मोर्चे पर मंसूरी विधानसभा प्रभारी नवीन पृषाली,रायपुर प्रभारी उमा सिसोदिया,डोईवाला प्रभारी मौजूद रहे जिन्होंने विधानसभा के मुख्य प्रवेश वाली सड़क से अपने कार्यकर्ताओं के साथ अंदर जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनको मौके पर रोक दिया जहां उन्होंने धरने पर बैठ कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं में मौजूद कई संख्या में किसान, बेरोजगार युवा और महिलाएं मौजूद थीं जिन्होंने मौके पर सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मंसूरी विधानसभा प्रभारी,नवीन प्रीशाली और डोईवाला विधानसभा प्रभारी ने सरकार की नीतियों को जमकर कोसा। उन्होंने कहा ये सरकार पूरी तरह दमनकारी नीतियों पर उतर आई है और इसको जनहित के मुद्दों से कोई सरोकार नहीं है। जीरो टॉलरेंस की इस सरकार में ना रोजगार मिल रहा,ना नौकरी बस अपनों पर ही ये सरकार मेहरबान है। आम आदमी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करती है और जनहित के मुद्दों को लेकर ऐसे ही सड़कों पर उतरती रहेगी। तीसरी तरफ फव्वारा चैक से कैंट विधानसभा प्रभारी रवींद्र आनंद, महासचिव विशाल चैधरी ,संजय भट्ट के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने यहां से भी रैली निकाली और सरकार को जगाने का काम किया। यहां मौजूद सैकड़ों आप कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने रिस्पना पुल पर बैरिकेड लगा के रोक दिया और उनको आगे बढ़ने नहीं दिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच नौंक झौंक भी हुई लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक आप कार्यकर्ताओं को यहीं पर रोक दिया। आप कार्यकर्ता यहां भी धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आप कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। इस दौरान,आप प्रदेश प्रवक्ता रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि संसद में जो काला विधेयक पास किया गया है आज आम आदमी पार्टी विधानसभा का घेराव कर इस बिल का विरोध करती है और सरकार से अपील करती है की इस बिल को तत्काल रुप से वापस लिया जाए और मंडी और मंडी समिति का जो प्रारूप था उसे पहले के जैसा ही किया जाए,रविंदर सिंह आंनद ने कहा कि प्रदेश के छोटे तबके का किसान अपनी फसल बमुश्किल देहरादून तक पहुँचा पाता है फिर वो कैसे अपनी फसल को प्रदेश के बाहर बेच पायेगा, अगर बिल को लागू किया गया तो किसान और गरीब हो जाएगा और पूंजीपति और अमीर, रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि विपक्ष की जो भूमिका कांग्रेस को निभानी चाहिए थी वह भूमिका आम आदमी पार्टी धरातल पर उतर कर निष्काम भाव से निभा रही है और जनता के हितों की रक्षा के लिए आगे निभाती रहेगी।

पहली बार कांग्रेस विधायक ट्रैक्टर पर बैठकर पहुंचे विधानसभा
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा के मानसून सत्र के लिए कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह, मनोज रावत, काजी निजामुद्दीन और आदेश चौहान ट्रैक्टर से विधानसभा के लिए निकले। इस दौरान प्रसार भारती के सामने पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया गया। इस पर कांग्रेस विधायक सड़क पर ही धरना देने बैठे । इस दौरान पुलिस के साथ नौक-झोंक भी हुईं।
विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से फोन पर वार्ता कर अपना पक्ष रखा। काफी मशक्कत के बाद सिटी मजिस्ट्रेट ने उन्हें विधानसभा जाने की अनुमति दी। वहीं,अपनी मांगों को लेकर नव पर्वतीय विकास संस्था के सदस्य रिस्पना पुल स्थित बैरिकेडिंग के समक्ष सरकार के खिलाफ एक दिवसीय धरना पर बैठे।

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