उत्तराखंड

जमरानी बांध पुनर्वास नीति में गांव के बालिगों को किया जाए शामिल

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हल्द्वानी। जिलाधिकारी र्केप कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान जमरानी बांध पुनर्वास का मुद्दा उठा। मौके पर ग्रामीणों ने पुनर्वास नीति में गांव के बालिगों को शामिल करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत धारा-11 लागू होने के बाद बालिग बच्चों को श्रेणी-3 में शामिल किया गया। लेकिन विस्थापन में देरी के चलते गांव के कई बच्चे बालिग हो गए हैं। उन्हें भी पुनर्वास नीति के तहत धारा-3 में शामिल किया जाए। अपर जिलाधिकारी पीआर चौहान की अध्यक्षता में गुरुवार को कैम्प कार्यालय में आयोजित जन सुनावाई में पेयजल, सड़क, बिजली, जमरानी बांध, राशनकार्ड से जुड़ी 32 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें से कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। पस्तोला की ग्राम प्रधान खष्टी देवी ने जमरानी बांध पुनर्वास नीति के तहत बालिग अन्य बच्चों को भी धारा-3 में शामिल करने की मांग की। इसपर अपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभिन्यता सिंचाई जमरानी खंड को आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। खष्टी देवी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत विगत एक वर्ष से किसी बच्चे या नये सदस्य का नाम राशन कार्ड में दर्ज नहीं हो पा रहा है। इससे जरूरी दस्तावेज बनाने में समस्या उत्पन्न हो रही है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने जिला पूर्ति अधिकारी को आवश्यक कार्यवाही के साथ ही आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। आशा देवी ने बताया कि ओखलकांडा के मल्ला बगौर की पेयजल लाइन में उनके पति पीटीसी के माध्यम से कार्यरत थे। पति की मृत्यु के बाद उनके पास आजीविका का कोई साधन नहीं है। इस पर अपर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभिन्यता जल संस्थान नैनीताल को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए। पूर्व सैनिक सुनील भट्ट ने नौकरी करने के लिए नैनीताल जिले में दर्ज उनके शस्त्र लाइसेंस की सीमा को नैनीताल के साथ ही सम्पूर्ण उत्तराखंड व उत्तर प्रदेश में विस्तार देने का अनुरोध किया। मौके पर एसडीएम धारी किशन नाथ गोस्वामी, एसडीएम नैनीताल प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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