पुरोला। मोरी विकासखंड की डोभालगांव सहकारी समिति का नेटवाड़ सहकारी समिति में विलय किए जाने के फैसले का ग्रामीणों और किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। ग्राम प्रधान महेंद्री पंवार के नेतृत्व में ग्रामीणों ने सहायक निबंधक, जिला सहकारी समितियां, उत्तरकाशी को ज्ञापन भेजकर विलय आदेश निरस्त करने और समिति का संचालन पूर्ववत खरसाड़ी कार्यालय से करने की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। महेंद्री पंवार ने बताया कि डोभालगांव सहकारी समिति क्षेत्र की पुरानी और प्रमुख समितियों में शामिल है, जो गडुगाड़ पट्टी की 17 ग्राम पंचायतों को सेवाएं देती है। उन्होंने कहा कि खरसाड़ी से नेटवाड़ कार्यालय स्थानांतरित होने से किसानों को बैंकिंग कार्य, किसान क्रेडिट कार्ड, खाद-बीज और अन्य कृषि कार्यों के लिए करीब 18 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि ऑनलाइन प्रशासनिक कार्यों के दौर में कार्यालय को दूर ले जाने का कोई औचित्य नहीं है।