अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर पौड़ी में ‘पीढ़ियों का कारवाँ’ कार्यक्रम आयोजित
जयन्त प्रतिनिधि।
पौड़ी : अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस 2026 के अवसर पर गुरूवार को पौड़ी गढ़वाल मुख्यालय स्थित विकास भवन सभागार में समाज कल्याण विभाग की ओर से ‘पीढ़ियों का कारवाँ’ सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनपद में पहली बार इस तरह का कार्यक्रम आयोजित करते हुए वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान के साथ उनके अनुभवों, स्वास्थ्य और नई पीढ़ी के साथ संवाद को केंद्र में रखा गया। इस दौरान विधायक ने वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान हेतु शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान अतिथियों का स्वागत करते हुए स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किए गए। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वरिष्ठजनों को सम्मानित किया गया। ‘पीढ़ियों का कारवाँ’ के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। वहीं, नशामुक्त भारत अभियान ‘एक संकल्प नशामुक्त समाज की ओर’ के अंतर्गत 12 अगस्त 2025 को आयोजित टीम इवेंट के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। विधायक ने कहा कि आज हम जो सम्मान और सुख पा रहे उसके पीछे हमारे बुजुर्गों के युवा समय में किए गए कठिन परिश्रम और संघर्ष की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों के अनुभव और मार्गदर्शन से सीख लेनी चाहिए। विधायक ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और अपनी संस्कृति एवं संस्कारों के लिए जाना जाता है। हमारी परंपरा में बुजुर्गों का सम्मान और उनकी सेवा महत्वपूर्ण स्थान रखती है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का आयोजन किसी वृद्धाश्रम में किया जाए, ताकि वहां रह रहे वरिष्ठजनों के साथ भी यह दिवस मनाया जा सके। उन्होंने सेवा, सुशासन और संकल्प की भावना को मजबूत करने तथा नई पीढ़ी को वरिष्ठजनों के अनुभवों से सीख लेने की बात कही। नगर पालिकाध्यक्ष ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस की बधाई देते हुए कहा कि इस दिवस को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखना चाहिए। वृद्धजनों का सम्मान, उनकी सेवा और देखभाल प्रतिदिन की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परिवार और समाज को वरिष्ठजनों के अनुभव एवं मार्गदर्शन को महत्व देते हुए उनके प्रति सम्मान की भावना बनाए रखनी चाहिए। वहीं वरिष्ठ नागरिकों गणेश सिंह गरीब, हरिश्चंद्र मुंडेपी, गणेश वीरान, विमल बहुगुणा, केसर सिंह असवाल सहित अन्य ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए नई पीढ़ी के साथ अपने विचार रखे। कई वृद्धजनों ने गीतों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी पारंपरिक संस्कृति और स्थानीय भाषा को जीवित रखने का संदेश दिया। इस अवसर पर पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, डीडीओ रमेश चंद, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, डीएसटीओ राम सलोने, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, साहित्य कला समिति के सदस्य राकेश नौडियाल, किसान आयोग के सदस्य ओम प्रकाश जुगरान, मत्स्य अधिकारी अभिषेक मिश्रा, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, वरिष्ठ नागरिक, बच्चे एवं अन्य उपस्थित रहे।