ऋषिकेश। चारधाम यात्रा को लेकर यात्रियों में जबरदस्त उत्साह है, लेकिन ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था बनाने में प्रशासन को पसीने छूट रहे हैं। ऐसे में रोजाना यात्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच नोकझोंक हो रही है। चारधाम यात्रा के लिये गुरुवार को भी यात्रियों को पंजीकरण कराने में परेशानी झेलनी पड़ी। पंजीकरण कराने के लिए यात्रियों को तीन से चार घंटे तक लाइन में खड़ा रहने पड़ा। इस दौरान कई बार यात्रियों में आपस में ही टकराव हो रहा है। यात्रियों का कहना है कि पंजीकरण कराने की व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। यातायात कंपनी के निवर्तमान अध्यक्ष मनोज ध्यानी का कहना है कि ऑनलाइन पंजीकरण 70 प्रतिशत से अधिक होने के कारण ऑफलाइन पंजीकरण 30 प्रतिशत से कम हो रहे हैं, जिसके चलते दिक्कत आ रही है। जबकि प्रशासन बीते कई वर्षों से 60 प्रतिशत ऑनलाइन और 40 प्रतिशत ऑफलाइन पंजीकरण करता आया है। ऐसे में चारधाम यात्रा से जुड़े अधिकारियों को इस व्यवस्था को बनाने में विशेष ध्यान देना होगा। रोटेशन के पूर्व अध्यक्ष संजय शास्त्री का कहना है कि इन दिनों विभिन्न राज्यों के ग्रामीण क्षेत्र से यात्री चारधाम दर्शन को आते हैं। ऐसे में ऑफलाइन पंजीकरण का कोटा बढ़ाने की जरूरत है, लेकिन यात्रा से जुड़े अधिकारी इसमें लापरवाही बरतते है। जिससे यात्रियों को भटकना पड़ता है। यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापति नौटियाल का कहना है कि ऑफलाइन पंजीकरण की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है। गुरुवार को 12 हजार 700 यात्रियों का पंजीकरण किया गया, जबकि बीती बुधवार को 12 हजार पंजीकरण ही किये गये थे। लगातार ऑफलाइन पंजीकरण की संख्या बढ़ाई जा रही है।
गुरुवार सुबह सात बजे चारधाम ट्रांजिट केंद्र और यात्रा बस अड्डे पर संचालित 30 काउंटर यात्रियों के रजिस्ट्रेशन के लिए खुल गये। जिसमें 12 हजार से अधिक यात्रियों का रजिस्ट्रेशन किया गया। दो बजे के बाद काउंटरों को बंद कर दिया गया, जिसके कतारों में लगे यात्रियों को मायूसी हाथ लगी। यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन के ओएसडी डॉ. प्रजापित नौटियाल ने बताया कि करीब चार हजार यात्री ट्रांजिट केंद्र व आसपास रूके हुए हैं। शुक्रवार को सुबह सात बजे फिर से रजिस्ट्रेशन के लिए काउंटरों को खोला जाएगा।