चारागाह की जमीन बचाने को करेंगे देवी-देवताओं का आह्वान

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कंडीसौड (टिहरी)। बौर और राम गांव की चारागाह की भूमि को नीलाम करने के विरोध में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का धरना और क्रमिक अनशन पांचवें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर हुई बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि चारागाह भूमि को किसी सूरत में नीलाम नहीं होने देंगे। कहा कि 29 जून को ढोल-दमाऊं के साथ देवी देवताओं का आह्वान कर भूमि की रक्षा की प्रार्थना करेंगे। भूमि की नीलामी की निविदा निरस्त न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। चेतावनी दी कि यदि प्रशासन नहीं माना तो उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा।
शनिवार को ग्रामीणों ने पैतृक भूमि संरक्षण समिति के बैनर तले सुल्याधार में नत्थी सिंह कैंतुरा की अध्यक्षता में पांचवें दिन क्रमिक अनशन कर धरना देते हुए बौर और राम गांव की करीब 79 नाली चारागाह की भूमि नीलामी का विरोध किया। धरने पर बैठे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन ने चारागाह भूमि को भू-माफियाओं को बेचने के लिए निविदा निकाली गई है जिसका स्थानीय लोग हर स्तर पर विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस भूमि को किसी भी कीमत पर नहीं बिकने दिया जाएगा। उन्होंने पैतृक भूमि, जल, जंगल, जमीन और ग्रामीण हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया। उक्रांद के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष पंकज व्यास ने मांग का समर्थन करते हुए धरना दिया।
सरकार को भूमि नीलाम करने के फैसले पर पुनर्विचार कर निविदा निरस्त करनी चाहिए। विधायक विक्रम सिंह नेगी ने सरकार से भूमि नीलामी प्रक्रिया को जल्द निरस्त करने की मांग की।

 

 

 

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