जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : जानकी नगर स्थित हेमनदास सरस्वती शिशु मंदिर में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को दोनों महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य महेंद्र गौड़ ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया। इसके बाद शिक्षक मनोज जोशी ने प्रोजेक्टर के माध्यम से बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों का चित्रात्मक प्रस्तुतीकरण किया। शिक्षक योगेश नेगी ने चंद्रशेखर आजाद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे अदम्य साहस और अचूक निशानेबाजी के लिए प्रसिद्ध महान क्रांतिकारी थे। उन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित किया। वहीं शिक्षक अंचल कुमार अग्रवाल ने लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा” का ऐतिहासिक नारा देकर देशवासियों में आजादी की अलख जगाई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने दोनों महापुरुषों के जीवन पर आधारित प्रेरक प्रसंग, कविताएं और संस्मरण प्रस्तुत किए। वक्ताओं ने छात्रों से उनके आदर्शों को अपनाकर राष्ट्रसेवा और समाजहित में कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रयाग दत्त चमोली, गीता रावत, सुनीता पंत, श्रेया चौधरी, अंजू चमोला, दीक्षा, पूजा चतुर्वेदी सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।