जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्षाकाल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी सतर्कता और तत्परता बनाए रखें। उन्होंने नगर निगम को नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने तथा डेंगू सहित अन्य संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
सोमवार को तहसील परिसर में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने मानसून के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं, जल भराव, भूस्खलन, संक्रामक रोगों तथा जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विभागवार तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा और आवश्यक सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए संभावित आपदाओं से निपटने के लिए पहले से ही पूरी तैयारी सुनिश्चित करें। उन्होंने नगर निगम को सभी वार्डों, विद्यालयों और महाविद्यालयों में नियमित फॉगिंग अभियान चलाने, नालियों की समयबद्ध सफाई कराने तथा सर्पदंश की घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों का तत्काल कटान कराने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को डेंगू, मलेरिया और सर्पदंश के उपचार से संबंधित दवाइयों, एंटी-वेनम इंजेक्शन तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने को कहा गया। लोक निर्माण विभाग को प्रमुख एवं संपर्क मार्गों को गड्ढामुक्त रखने और वर्षा के दौरान यातायात सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को कोटद्वार-दुगड्डा मार्ग के भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा उपाय करने और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने को कहा गया। बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को किसी भी आपदा अथवा आपातकालीन स्थिति में आवश्यक खाद्यान्न और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विद्युत विभाग को जर्जर विद्युत लाइनों एवं पोलों की मरम्मत कर निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने को कहा गया। बैठक के बाद विधानसभा अध्यक्ष ने नगर निगम अधिकारियों के साथ दुर्गापुरी क्षेत्र में नाले का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान नाले के ऊपर लगे स्लैब हटे हुए पाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान खुले नाले दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए ऐसे स्थानों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जाए।