जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : श्री गुरु गोरखनाथ पर्यावरणीय संरक्षण एवम संवर्धन समिति कोटद्वार द्वारा पौराणिक श्री भैरवगढी मंदिर परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बांज, देवदार, आंवला, बरगद, नीम, छितवन, सिल्वर, ओक, बांस सहित अन्य प्रजातियों के 100 पौधों का रोपण किया गया।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष आर.पी पंत की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए अशोक नेगी ने कहा कि वन प्राणिमात्र को जहां प्राणवायु आक्सीजन देते है वही दूसरी तरफ वन्यजीवो कों आवास, पक्षियों को घर तथा मनुष्यों को फल, फूल छाया एवं ईंधन भी उपलब्ध कराते है। यदि इनका संरक्षण नहीं किया गया भविष्य में भूस्खलन, प्राकृतिक जल स्रोतो में पानी की कमी, जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेगें। सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि आज विकास के युग में मानव द्वारा पर्यावरण को लापरवाही से प्रदूषित किया जा रहा है। बढ़ते पालीथीन के उपयोग से जगह-जगह प्लास्टिक का कचरा फेंका हुआ कहीं पर भी मिल मिल रहा है। जिसके उत्सर्जन से एक विषैली गैस निकलती है जो कि सीधे ओजोन परत को भेदने का कार्य करती है। साथ ही जमीन की उर्वरक क्षमता को भी भारी नुकसान पंहुचाती है। उन्होंने श्री भैरवगढी मंदिर समिति से आग्रह किया कि मंदिर परिसर एवं मार्ग में जगह-जगह कूडे़दान रखे जाने चाहिए। गोष्ठी को संम्बोधित करते हुए समिति के अध्यक्ष आर.पी. पंत ने लोगों से अपील की कि माँ के नाम एक पेड़ जरूर लगाए और उसकी सुरक्षा का संकल्प लें। अपनी भावी पीढ़ी के अच्छे स्वास्थ्य और सुनहरे भविष्य के लिए पर्यावरण को साफ सुथरा बना कर रखे। इस अवसर पर प्रकाश हेमदान, सुनील नेगी, विनय रावत, उमेश सिंह नेगी, डी.आर. बौंठियाल, अनिल सिंह रावत, शैलेन्द्र कुमार, प्रेमप्रकाश मंजेडा, शान्ता कुमार, हिमांशु नौटियाल आदि मौजूद थे।