नईदिल्ली,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न्यूजीलैंड दौरे पर हैं। वहां उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। इस दौरान दोनों देशों के बीच 10 बड़े समझौतों पर सहमति बनी। साथ ही भारत और न्यूजीलैंड ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर भी हस्ताक्षर किए। दोनों देशों में केवल 9 महीन में ही एफटीए हुआ है, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-न्यूजीलैंड व्यापार और खेल सहभागिता कार्यक्रम को संबोधित किया।
भारत को वैश्विक निवेश गंतव्य के रूप में पेश करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के कारोबारी समुदाय से कहा, भारत सिर्फ एक बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विकास के लिए लॉन्चपैड है। हमने सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन को शासन का आधार बनाया है। आज भारत नीतिगत स्थिरता, राजनीतिक स्थिरता और निरंतर विकास प्रदान करता है। इसीलिए विश्व के लिए हमारा संदेश स्पष्ट है: भारत केवल एक बाजार नहीं है, भारत वैश्विक विकास का लॉन्च पैड है।
प्रधानमंत्री ने न्यूजीलैंड की कंपनियों को शहरी गतिशीलता, जल प्रबंधन और अपशिष्ट प्रबंधन में भारत के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही न्यूजीलैंड के विश्वविद्यालयों का भारत में परिसर स्थापित करने के लिए स्वागत किया। उन्होंने कहा, हम 2030 तक दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना कर देंगे। न्यूजीलैंड अगले 15 सालों में भारत में 1.72 लाख करोड़ रुपये निवेश करेगा। साथ ही विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में भी भारत की मदद करेगा।
रक्षा सहयोग और संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बढ़ेंगे। एफटीए पर हस्ताक्षर किए गए। डेयरी, पशुपालन, सेब और शहद उत्पादन में सहयोग बढ़ेगा। दोनों देश सीधी उड़ानें शुरू करेंगे। डिज़िटल तकनीक, विज्ञान और इनोवेशन में सहयोग। जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन पर समझौता। सांस्कृतिक और समुद्री विरासत संरक्षण पर समझौते। मुक्त और सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन। आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त कार्य समूह बनाने पर सहमति। व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को बढ़ान पर सहमति।
भारत के सभी 8,284 निर्यात उत्पादों को पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क मुक्त प्रवेश मिलेगा। भारत के दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र के लिए नियामक प्रक्रियाएं आसान होंगी। न्यूजीलैंड एक अस्थायी वीजा कार्यक्रम के जरिए 3 सालों के लिए भारतीय पेशेवरों को हर साल लगभग 1,600 वीजा जारी करेगा। भारत के लिए रणनीतिक रूप से अहम प्रशांत बाजार और व्यापक ओशिनिया क्षेत्र के लिए व्यापार का रास्ता खुलेगा।