नई दिल्ली, राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने केंद्र सरकार और मंदिर ट्रस्ट पर प्रेस वार्ता कर निशाना साधा. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि इस सरकार में न संस्थान बचे हैं और न मंदिर बचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इतने बड़े मामले पर चुप क्यों हैं. उन्हें जनता को जवाब देना चाहिए. यह सिर्फ पैसे चोरी करने का मामला नहीं है. यह करोड़ों लोगों की आस्था का मामला है.
अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा कि एक दिहाड़ी मजदूर दिन में 500 रूपये कमाता है और उसमें से 50 रुपये मंदिर में चंदा देता है तो वह अपनी आस्था से देता है. उसका पैसा अगर मंदिर से चोरी कर लिया जाए तो….उन्होंने एसआईटी की रिपोर्ट और चंपत राय का एफआईआर में नाम न होने और गिरफ्तारी न होने पर भी सवाल उठाए.
उन्होंने कहा कि एसआईटी गठित कर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की जा रही है. सिंघवी ने कहा कि जब भी कोई गंभीर मामला होता है तो उसमें एसआईटी गठित करने से पहले जिम्मेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है. यह एसआईटी मामले को निपटाने के लिए गठित की गई है. पूरा दोष कुछ आठ नौ लोगों पर थोप दिया गया है. जिसमें एक ड्राइवर भी शामिल है. जबकि ट्रस्ट के ही कई लोग यह कह चुके हैं कि सब कुछ चंपत राय की देखरेख में ही हो रहा था. फिर चंपत राय का नाम एफआईआर में क्यों नहीं है.
सिंघवी ने कहा कि चंपत राय केंद्र की पसंद थे इसलिए उनको बचाया जा रहा है. सिंघवी ने चंदा चोरी मामले में पांच मांगें रखते हुए इनको पूरा करने की मांग की.