जयन्त प्रतिनिधि।
चमोली : ‘सेवा, सुशासन एवं समर्पण सप्ताह’ के अंतर्गत शुक्रवार को विकासखंड सभागार पोखरी में बहुउद्देशीय सेवा एवं जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराना, उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करना तथा सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर का शुभारंभ उत्तराखंड अनुसूचित जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष अर्जुन सिंह राणा ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से लोगों को विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं, जिससे समय और संसाधनों की बचत के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया। विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों से भी लोगों को अवगत कराया। शिविर में कुल 215 लोगों ने प्रतिभाग किया, जबकि 128 पात्र लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया गया। शिविर में कृषि विभाग ने 9 किसानों को कृषि बीज वितरित किए। उद्यान विभाग ने 9 लाभार्थियों को सब्जी बीज किट उपलब्ध कराई। समाज कल्याण विभाग ने 18 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। उद्योग विभाग ने 5 लाभार्थियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित किया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने 4 महिलाओं को महालक्ष्मी किट वितरित की। पशुपालन विभाग ने 14 पशुपालकों को औषधियों का वितरण कर पशुपालन संबंधी तकनीकी जानकारी प्रदान की। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 30 लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं, जबकि आयुर्वेद विभाग ने 22 लाभार्थियों को औषधियों का वितरण किया। सैनिक कल्याण विभाग ने 3 लाभार्थियों को विभागीय सेवाओं का लाभ दिया तथा ग्राम विकास विभाग ने 14 लाभार्थियों को जॉब कार्ड एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से संबंधित प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराए। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य वीरेन्द्र सिंह रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।