रुद्रप्रयाग । जिले के बसुकेदार क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया। ग्राम स्वारा के नामी तोक क्षेत्र में घास लेने गई एक महिला उफनते गदेरे के तेज बहाव में बह गई। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया, लेकिन करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह करीब 11:32 बजे ग्राम प्रधान सेमकोटी ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को सूचना दी कि ग्राम स्वारा के तिमली क्षेत्र से आगे घास लेने गई एक महिला अचानक उफनते गदेरे की चपेट में आ गई। लगातार बारिश के कारण गदेरा उफान पर था और तेज बहाव में महिला देखते ही देखते बह गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के निर्देशन में जल पुलिस, एसडीआरएफ (रऊफा) और डीडीआरएफ (ऊऊफा) की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव दल ने गदेरे और आसपास के क्षेत्र में युद्धस्तर पर सर्च अभियान चलाया। करीब डेढ़ घंटे की तलाश के बाद महिला का शव घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया।
मृतका की पहचान 38 वर्षीय विनीता देवी, पत्नी हिम्मत सिंह नेगी, निवासी ग्राम कोटी के रूप में हुई है। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हो रही बारिश के कारण क्षेत्र के अधिकांश गदेरे और बरसाती नाले उफान पर हैं, जिससे आवाजाही और दैनिक कार्य भी जोखिम भरे हो गए हैं।
जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान किसी भी उफनते गदेरे, नदी-नाले या बरसाती बहाव को पार करने का प्रयास न करें। जंगलों या खेतों में घास और लकड़ी लेने जाने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी चेतावनियों और एडवाइजरी का पालन करें।
प्रशासन का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मानसून के दौरान मौसम पलभर में बदल सकता है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।