कोटद्वार क्षेत्र के अंतर्गत सनेह के कोटडीढांग रेंज की घटना
जयन्त प्रतिनिधि।
कोटद्वार : लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत कोटडीढांग रेंज में घास लेने गई एक महिला पर गुलदार ने हमला कर दिया। महिला ने साहस का परिचय देते हुए दरांती से अपना बचाव किया, जबकि आसपास मौजूद अन्य महिलाओं ने शोर मचाकर और पत्थर फेंककर गुलदार को खदेड़ दिया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार सनेह कोटडीढांग निवासी रीना देवी (39 वर्ष) पत्नी भूपेंद्र अधिकारी शनिवार सुबह करीब नौ बजे अन्य महिलाओं के साथ वन क्षेत्र में घास लेने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने अचानक उन पर हमला बोल दिया। हमले से घबराने के बजाय रीना देवी ने हिम्मत दिखाते हुए अपने हाथ में मौजूद दरांती से गुलदार का सामना किया और शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद अन्य महिलाएं मौके पर दौड़ीं और गुलदार पर पत्थर बरसाने लगीं। महिलाओं के सामूहिक प्रयास और विरोध के चलते गुलदार वहां से भाग निकला। हालांकि हमले में रीना देवी घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और घायल महिला को 108 एंबुलेंस की सहायता से राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार रीना देवी के हाथ और पीठ पर गुलदार के नाखूनों के गहरे निशान हैं। फिलहाल उनका उपचार चल रहा है और उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले काफी समय से गुलदार की गतिविधियां आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास बढ़ गई हैं। कई बार गुलदार गांवों तक पहुंच चुका है, जिससे लोगों में लगातार डर बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, गुलदार की निगरानी करने और लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।